नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर संघ प्रमुख भागवत ने कहा, हमे मिलकर नेताजी के अधूरे कार्य को पूरा करना है

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सुभाष चंद्र बोस का युद्ध कौशल जगत प्रसिद्

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि उनके(सुभाष चंद्र बोस) युद्ध कौशल का क्या वर्णन करना। वो तो जगत प्रसिद्ध है। जिनके साम्राज्य पर सूर्यास्त नहीं होता, ऐसे लोगों के लिए एक नई सेना बनाकर उन्होंने चुनौती खड़ी की और भारत के दरवाजे पर दस्तक दी।

भारत बहुत पहले स्वतंत्र हो गया होता

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहाकि, समय का भाग्य चक्र अगर सीधा चलता तो नेताजी भारत के अंदर प्रवेश करके बहुत आगे आ चुके होते। यहां रहकर यहां के स्वतंत्रता के लिए प्रयास करने वालों से मिलन होता और भारत बहुत पहले स्वतंत्र हो गया होता।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि, नेताजी के अधूरे कार्य को पूरा करना है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक ऐश्वर्यपूर्ण जिंदगी व्यतीत कर सकते थे, लेकिन उन्होंने वनवास चुना है।

भारत की समस्या का समाधान होते ही विश्व की सभी समस्याएं हो जाएंगी दूर

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बताया कि, नेताजी ने अपनी किताब में जो जिक्र किया है वही हमारा मकसद है, जिसके लिए हम काम करते हैं। भारत एक छोटी सी दुनिया है। हम भारत की समस्या का समाधान करेंगे तो विश्व की समस्या का समाधान हो जाएगा। हमें अपने कुछ बुरे पक्षों को छोड़ देना चाहिए। हम स्वार्थी हो गए हैं। अब हम सामूहिक रूप से काम नहीं करते हैं।

हम देश को संघ जैसा बनाना चाहते हैं

मोहन भागवत ने कहा कि देश पहले है, भारत माता प्रथम है। हमें सच्चे लोगों की जरूरत है, एक सही इंसान की। संघ क्या है? यह एक व्यक्तित्व का विकास है। सुभाष बाबू ने स्वयं को योग्य बनाने के लिए कहा है, शाखा का नियमित अभ्यास करना चाहिए। यह एक आदत होनी चाहिए। हम अपने उद्देश्य को भूल गए हैं। हम एक बड़े संघ की आकांक्षा नहीं रखते हैं। हम देश को संघ जैसा बनाना चाहते हैं। हमें चुनाव नहीं जीतना है, हमें लोकप्रियता नहीं चाहिए, हमें मशहूर होने की जरूरत नहीं है, हमें समृद्ध होने के लिए देश चाहिए।

Compiled: up18 News

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