नई दिल्ली: उत्तर और मध्य भारत इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण लू (Heatwave) की चपेट में है। गर्मी का आलम यह है कि उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 47 डिग्री सेल्सियस के जादुई आंकड़े को पार कर गया है, वहीं प्रयागराज में भी तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दिल्ली, बिहार और पंजाब जैसे राज्य भी भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने इस तपिश के बीच एक राहत भरी भविष्यवाणी की है। अगले तीन दिनों तक लू का प्रकोप जारी रहने के बाद उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस सप्ताह उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में तेज हवाओं और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 अप्रैल से 2 मई के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी का अनुमान है। साथ ही, 28 और 29 अप्रैल को कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में 27 अप्रैल से 2 मई के बीच छिटपुट बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। राजस्थान में भी 26 से 29 अप्रैल के दौरान धूलभरी हवाओं के साथ बिजली कड़कने के आसार हैं। दक्षिण भारत में भी 28 से 30 अप्रैल के बीच गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में मानसून जैसी सक्रियता देखने को मिल सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 27 से 30 अप्रैल के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नगालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी 1 मई तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। कुल मिलाकर, मई की शुरुआत उत्तर भारत के लिए गर्मी से बड़ी राहत लेकर आ सकती है।

