आगरा के असगर अली हत्याकांड में नया मोड़: आरोपी रवि यादव की रिमांड पर शुक्रवार को होगी अहम सुनवाई, खुलेंगे कई राज

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आगरा: ताजनगरी के बहुचर्चित ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड की जांच अब एक अत्यंत निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। हत्याकांड के मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी रवि यादव द्वारा मंगलवार को अदालत में किए गए सरेंडर के बाद, पुलिस ने अब पूरी रणनीति बदल दी है। रवि यादव को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ करने के लिए पुलिस ने औपचारिक रूप से अदालत में रिमांड की अर्जी दाखिल की है। इस अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत पुलिस को रवि यादव की रिमांड देती है या नहीं। यदि रिमांड मिलती है, तो जांच एजेंसियों को इस हत्याकांड की परतों को खोलने के लिए एक बड़ा अवसर मिल जाएगा।

​सरेंडर के बाद तेज हुई जांच की रफ्तार

​लंबे समय तक पुलिस की दबिश और सर्विलांस को धता बताते हुए रवि यादव ने नाटकीय अंदाज में सीधे कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। लेकिन, रवि के सरेंडर करने से पुलिस के हौसले पस्त नहीं हुए हैं, बल्कि जांच की गति और तेज कर दी गई है।

पुलिस अब हत्या की साजिश को अलग-अलग कड़ियों से जोड़ रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने 3 अप्रैल की रात कौरई टोल प्लाजा के सभी सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। ऐसी प्रबल आशंका है कि असगर अली की हत्या से पहले उनकी गतिविधियों की सघन रेकी की गई थी, जिसमें आरोपियों ने उनकी हर हलचल पर नजर रखी थी।

​ट्रक जब्ती और हत्या का ‘कनेक्शन’ खंगाल रही पुलिस

​जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस अब उन घटनाओं पर भी गौर कर रही है जो हत्याकांड से सीधे जुड़ी हो सकती हैं। सामने आया है कि जिस रात यह जघन्य वारदात हुई, उसी दौरान असगर अली फतेहपुर सीकरी के दौरे पर थे। इसी समय उनके एक ट्रक को जीएसटी टीम द्वारा पकड़े जाने की सूचना भी मिली है। पुलिस अब इस बिंदु को बेहद गंभीरता से ले रही है कि क्या ट्रक पकड़े जाने की घटना महज एक इत्तेफाक थी, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी गहरी साजिश रची गई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं ट्रक जब्ती और हत्या के बीच कोई सीधा संबंध तो नहीं है।

तकनीकी साक्ष्य: ऑडियो और मोबाइल लोकेशन बने आधार

​मामले की संवेदनशीलता तब और बढ़ गई जब पुलिस के हाथ ‘डिजिटल सबूत’ लगे। पुलिस ने एक्सीडेंट लोकेशन पर रवि यादव के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कर ली है, जो उसकी उपस्थिति और भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप ने जांच को एक नया आयाम दिया है। इस ऑडियो में कथित तौर पर रवि यादव को यह स्वीकार करते हुए सुना जा सकता है कि उस रात गाड़ी में तीन लोग सवार थे और वह खुद पीछे की सीट पर मौजूद था। पुलिस फिलहाल इस ऑडियो की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि इसकी प्रमाणिकता सिद्ध की जा सके।

​फरार कामरान वारसी की घेराबंदी

​उधर, हत्याकांड में नामजद दूसरा मुख्य आरोपी कामरान वारसी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के माध्यम से उसकी लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है।

डीसीपी स्तर के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस मामले के हर एक पहलू का सूक्ष्म विश्लेषण कर रही है।

सीसीटीवी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी प्रमाणों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि रवि यादव की रिमांड मिलते ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में कई चौंकाने वाले और बड़े खुलासे होंगे, जो इस साजिश के असली चेहरों को बेनकाब कर देंगे।