नई दिल्ली/लखनऊ: लोकसभा और हालिया उपचुनावों के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर रुख अपना लिया है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने ममता बनर्जी का खुलकर बचाव किया है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए मांग की है कि बंगाल मतगणना की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज पूरे देश के सामने लाइव उपलब्ध कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि देश से लोकतंत्र को खत्म करने में कुछ मीडिया घरानों की भूमिका बेहद नकारात्मक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में वोटों की ‘शर्मनाक लूट’ हुई है और पुलिस प्रशासन का गलत इस्तेमाल कर जनादेश को बदला गया है।
अखिलेश ने ऐलान किया कि वे ममता बनर्जी को नैतिक समर्थन देने के लिए खुद बंगाल जाएंगे। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हार के डर से कार्यालय जलाना और हिंसा करना भाजपा की ‘हार की बौखलाहट’ का प्रतीक है, जिसे पूरी दुनिया देख रही है।
’सोनपापड़ी’ है चुनाव आयोग और 10 नंबरी है बीजेपी का मॉडल
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘सोनपापड़ी’ करार दिया और आरोप लगाया कि आयोग सिर्फ झूठ परोसने का काम कर रहा है। उन्होंने भाजपा के कार्य करने के तरीके को ’10 नंबरी मॉडल’ बताते हुए कहा कि इस मॉडल ने पूरे लोकतंत्र को जकड़ लिया है। अखिलेश ने कुंदरकी और रामपुर उपचुनावों का उदाहरण देते हुए इसे ‘मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया’ का खेल बताया, जहाँ उनके अनुसार वोटों की डकैती की गई।
2027 की तैयारी और जातीय जनगणना का मुद्दा
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि यूपी में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की ताकत से भाजपा घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में संविधान और लोकतंत्र को बचाने की असली जंग होगी। महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपना स्टैंड साफ करते हुए उन्होंने मांग की कि आरक्षण पार्टी आधारित होना चाहिए और इससे पहले जातीय जनगणना कराकर आबादी के अनुपात में हक दिया जाना चाहिए।
आईपैक (IPAC) से करार टूटने पर अखिलेश ने कहा कि फंड की कमी और कुछ कंपनियों के सत्ता पक्ष की ओर झुकाव के कारण उन्होंने रणनीतियों में बदलाव किया है।
उन्होंने दावा किया कि प्रभु श्री राम का आशीर्वाद समाजवादियों के साथ है, क्योंकि भाजपा ने अयोध्या के गरीबों के साथ अन्याय किया है।

