DM अंकल आप बहुत अच्छे हैं… नन्हीं मानवी की एक अपील पर जागा प्रशासन, लखीमपुर में जर्जर सड़क का कायाकल्प शुरू

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लखीमपुर खीरी: ​कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और आवाज सही जगह तक पहुँचे, तो बदलाव जरूर आता है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में इसकी एक बेहद खूबसूरत मिसाल देखने को मिली है। यहाँ महज 6 साल की एक बच्ची की डिजिटल गुहार ने शासन-प्रशासन को हिला दिया और उस सड़क की किस्मत बदल दी, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार थी।

​सलेमपुर कोण इलाके की रहने वाली पहली कक्षा की छात्रा मानवी सिंह ने अपने घर के बाहर की बदहाली और जलभराव का एक छोटा सा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया था।

वीडियो में मासूमियत के साथ मानवी ने सीधे जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा “डीएम अंकल, आप बहुत अच्छे हैं, प्लीज मेरे घर के पास की सड़क ठीक करवा दीजिए।” बच्ची का यह प्यारा लेकिन दमदार अंदाज देखते ही देखते वायरल हो गया और डीएम अंजनी कुमार सिंह के संज्ञान में आ गया।

​DM ने खुद की मौके पर पहुंचकर जांच

वीडियो की गंभीरता को देखते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह अधिकारियों के भारी लाव-लश्कर के साथ खुद सलेमपुर कोण गांव पहुँच गए। उन्होंने देखा कि मानवी के घर को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता न केवल जर्जर था, बल्कि जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण वहां तालाब जैसे हालात थे। स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की इस नारकीय जीवन की तस्वीर देख डीएम ने तत्काल प्रभाव से सड़क मरम्मत और नाली निर्माण के आदेश दिए।

​मासूम को मिला प्यार और अधिकारियों को फटकार

निरीक्षण के दौरान डीएम ने नन्हीं मानवी और उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बच्ची की इस जागरूक पहल की जमकर सराहना की और उसे मिठाई व बिस्किट भेंट किए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए कि इस कार्य में एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सड़क इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी पॉलिटेक्निक, सामुदायिक शौचालय और आयुष्मान केंद्र जैसे मुख्य स्थानों को जोड़ती है।

​अनियोजित विकास पर डीएम की नसीहत

मौके पर डीएम ने एक बड़ी समस्या की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और बिना किसी ड्रेनेज प्लान के घर बनाने की वजह से जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे कोई भी प्लॉट खरीदने से पहले वहां सड़क, नाली और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की जांच जरूर करें। मानवी की यह छोटी सी पहल अब लखीमपुर में प्रशासनिक संवेदनशीलता और सोशल मीडिया की ताकत का एक बड़ा उदाहरण बन गई है।