होर्मुज स्ट्रेट में तनाव चरम पर: अमेरिकी सेना ने ईरानी बोट्स को बनाया निशाना, ट्रम्प बोले- ‘ईरान का यूरेनियम भंडार खत्म होगा’

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​वाशिंगटन/तेहरान। सीजफायर की जारी वार्ताओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंग बिछाने का प्रयास कर रही ईरानी बोट्स और बंदर अब्बास पोर्ट के नजदीक स्थित एक मिसाइल साइट पर हमला किया है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए एनरिच्ड यूरेनियम को पूरी तरह नष्ट करने का अल्टीमेटम दिया है।

​अमेरिकी सैन्य कार्रवाई: आत्मरक्षा में लिया फैसला

​अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई। प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने बताया कि ईरानी बोट्स होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछा रही थीं, जो वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर खतरा था। साथ ही, अमेरिकी युद्धपोतों को सुरक्षित रखने के लिए एक सरफेस-टू-एयर मिसाइल साइट को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वे स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा से समझौता संभव नहीं है।

​ट्रम्प का बड़ा बयान: ‘ओबामा जैसी डील नहीं होगी’

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा, “ईरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम या तो अमेरिका को सौंपा जाए, या हम उसे वहीं समाप्त कर देंगे।” ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर की परमाणु डील को ‘कमजोर’ करार देते हुए चेतावनी दी कि वे केवल एक मजबूत और ठोस समझौते के पक्ष में हैं, अन्यथा कोई समझौता नहीं होगा।

​ईरान का रुख: सुप्रीम लीडर ही अंतिम निर्णयकर्ता

​ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बड़े निर्णय के लिए ईरान के सुप्रीम लीडर की मंजूरी अनिवार्य है। उनके इस बयान को अमेरिका के साथ चल रही वार्ता के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञ इसे ईरान द्वारा अमेरिका को एक राजनीतिक संकेत देने के तौर पर देख रहे हैं कि परमाणु समझौते को लेकर अंतिम अधिकार केवल उनके सुप्रीम लीडर के पास है।

​होर्मुज स्ट्रेट क्यों है दुनिया के लिए चिंता का विषय?

​होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ता है। यही कारण है कि दुनिया भर की निगाहें इस समय होर्मुज स्ट्रेट की हलचल पर टिकी हुई हैं।