आगरा: ताजनगरी से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज की खातिर न केवल प्रताड़ित करने, बल्कि चार बार जबरन गर्भपात कराकर ‘मां बनने का हक’ छीनने का संगीन आरोप लगाया है। पुलिस आयुक्त के कड़े रुख के बाद थाना जगदीशपुरा में पति समेत ससुराल के 6 सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
शादी के कुछ समय बाद ही शुरू हुआ ‘दहेज का तांडव’
बिचपुरी के चौहटना गांव की रहने वाली सलोनी का विवाह 28 नवंबर 2021 को जगदीशपुरा निवासी राजेश चौधरी के साथ हुआ था। सलोनी ने बताया कि निकाह के कुछ समय बाद ही खुशियां मातम में बदलने लगीं। ससुराल वाले दो लाख रुपये नकद और एक बाइक की मांग को लेकर उस पर दबाव बनाने लगे। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो सलोनी को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ना शुरू कर दिया गया।
शारीरिक और मानसिक आघात: 4 बार कोख उजाड़ी
सलोनी द्वारा लगाए गए आरोपों में सबसे दर्दनाक पहलू उसकी कोख पर हुआ हमला है। पीड़िता का आरोप है कि पति, सास-ससुर और ननद-देवर ने उसकी मर्जी के खिलाफ, साजिश के तहत चार बार उसका जबरन गर्भपात कराया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी और अंततः उसे बेसहारा छोड़कर घर से बाहर निकाल दिया गया।
पुलिस आयुक्त के दखल के बाद कार्रवाई
काफी समय तक अन्याय सहने के बाद सलोनी ने साहस जुटाया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस आयुक्त के आदेश पर अब पुलिस एक्शन मोड में है। थाना प्रभारी के अनुसार, पति राजेश चौधरी, सास, ससुर, ननद और देवर समेत 6 लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर रही है।
समाज पर गहरा सवाल
यह मामला न केवल दहेज जैसी कुप्रथा की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आज भी समाज के कुछ हिस्सों में महिलाओं को केवल एक वस्तु समझा जाता है। सलोनी की यह लड़ाई उन हजारों महिलाओं की आवाज है जो बंद कमरों में ऐसा ही अत्याचार सह रही हैं।

