आगरा: ताजनगरी की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले एसएन मेडिकल कॉलेज (SNMC) की सूरत बदलने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। शनिवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बिना किसी पूर्व सूचना के मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल मरीजों को मिल रही सुविधाओं की पड़ताल की, बल्कि करोड़ों की लागत से चल रहे फेज-1 प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों में सुस्ती देख कार्यदायी संस्था को जमकर फटकार भी लगाई।
इमरजेंसी वार्ड में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण की शुरुआत डीएम ने इमरजेंसी वार्ड से की। उन्होंने वार्डों में घूमकर सफाई व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति जांची। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि इमरजेंसी में आने वाले किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता ही सरकारी अस्पताल की प्राथमिकता होनी चाहिए।
फेज-1 प्रोजेक्ट: “लेबर बढ़ाएं, काम में तेजी लाएं”
डीएम का मुख्य फोकस मेडिकल कॉलेज के कायाकल्प के लिए चल रहे ‘फेज-1’ निर्माण प्रोजेक्ट पर रहा। कार्य की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी कि गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण स्थल पर लेबर की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए। कार्यों को “युद्ध स्तर” पर चलाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। मशीनों और संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पेश की जाए।
प्रशासनिक सहयोग का भरोसा, सुधार की चेतावनी
हालांकि डीएम ने वर्तमान चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को आश्वासन दिया कि फंड या अन्य किसी भी प्रशासनिक बाधा को दूर करने के लिए जिला प्रशासन हर संभव मदद करेगा।
जिलाधिकारी के इस कड़े रुख से मेडिकल कॉलेज प्रशासन और निर्माण एजेंसियों में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि इस निरीक्षण के बाद अब लंबित पड़े कार्यों में तेजी आएगी और मरीजों को जल्द ही नई सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

