आगरा के वीर सपूत को अंतिम सलाम: ड्यूटी के दौरान ITBP जवान अजय सिंह का निधन, सैन्य सम्मान के साथ दी गई विदाई

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आगरा: जनपद के कागारौल क्षेत्र का बैमन गांव आज गहरे शोक और सन्नाटे में डूबा हुआ है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) में तैनात देश के जांबाज सिपाही अजय सिंह का ड्यूटी के दौरान हृदयघात (हार्ट अटैक) से आकस्मिक निधन हो गया। हरियाणा के पंचकूला में कांस्टेबल के पद पर राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात अजय सिंह के चले जाने की खबर जैसे ही उनके पैतृक निवास पहुँची, समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

तिरंगे में लिपटकर आया गांव का लाडला

मंगलवार को जब सेना के विशेष वाहन से जवान का पार्थिव शरीर उनके गांव बैमन पहुँचा, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों का करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। ‘अजय सिंह अमर रहें’ के नारों के साथ पूरे गांव ने अपने वीर सपूत का स्वागत किया।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

अजय सिंह को पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। आईटीबीपी की टुकड़ी ने अपने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और हवा में गोलियां दागकर सलामी दी। सेना के अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मासूम बेटे ने निभाई अंतिम रस्म

शमशान घाट पर सबसे मार्मिक और हृदयविदारक दृश्य तब देखने को मिला, जब अजय सिंह के 13 वर्षीय पुत्र आदित्य ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पिता की वर्दी और तिरंगे को देख बिलखते आदित्य को देख वहां मौजूद हर फौजी और ग्रामीण का कलेजा मुंह को आ गया।

परिवार की सुरक्षा का स्तंभ ढहा

अजय सिंह अपने परिवार की मजबूती थे। वे तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे; उनके बड़े भाई चंद्रपाल सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि छोटे भाई वीरपाल और एक बहन भी परिवार का हिस्सा हैं। अजय अपने पीछे पत्नी पूजा और दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि सांत्वना देने पहुँच रहे लोगों की बोलती भी बंद है।

​बैमन गांव ने आज एक सच्चा देशभक्त खो दिया है, लेकिन उनकी सेवा और बलिदान की कहानियां यहाँ की गलियों में हमेशा जीवित रहेंगी।