आगरा: ताजनगरी के थाना सिकंदरा क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलिंग के नाम पर एक सनसनीखेज ‘प्लॉट घोटाले’ का पर्दाफाश हुआ है। यहाँ शातिर जालसाजों ने एक ही जमीन को कई मासूम खरीदारों को बेचकर लाखों रुपये की चपत लगा दी। इस धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी मनोज गिरी और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच का घेरा सख्त कर दिया है।
अवैध मार्केट का सपना दिखाकर लूटी गाढ़ी कमाई
पीड़ितों की शिकायतों के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को बड़ा जमीन कारोबारी बताकर लोगों को सस्ते दामों पर प्लॉट और दुकान दिलाने का झांसा दिया था। खरीदारों का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने एक अवैध मार्केट का ढांचा भी तैयार कर लिया था, जहाँ दुकानें देने का वादा किया गया। इस झांसे में आकर कई लोगों ने अपनी उम्र भर की कमाई आरोपियों के हवाले कर दी, जिसके बदले में उन्हें फर्जी दस्तावेज थमा दिए गए।
पैसे मांगे तो दी अपहरण और मौत की धमकी
जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ितों ने जमीन पर अपने हक का दावा करना चाहा या पैसे वापस मांगे। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपी मनोज गिरी और उसके साथियों ने अपना असली चेहरा दिखाया और पीड़ितों को जान से मारने व अपहरण करने की धमकी देनी शुरू कर दी। इसी बीच, जिस कथित मार्केट का सपना दिखाकर वसूली की गई थी, उसे भी प्रशासन ने अवैध घोषित कर ध्वस्त कर दिया, जिससे पीड़ितों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने एकजुट होकर पुलिस की शरण ली, जिसके बाद सिकंदरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आरोपियों के नेटवर्क की तलाश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों और जमीन के कागजों की बारीकी से जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया होगा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

