आगरा: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के विशेष आह्वान पर सोमवार को ताजनगरी आगरा में शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विशाल ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता समाज का गुस्सा मोदी सरकार के खिलाफ फूट पड़ा।
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमा शंकर शर्मा (एडवोकेट) के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस आंदोलन के दौरान मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमा शंकर शर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वर्तमान मोदी सरकार देश को संभालने और जनहित के कार्यों में हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। देश में इस समय भीषण महंगाई का दौर चल रहा है, जिसके कारण आम जनता त्राहि-त्राहि करने को मजबूर है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि समाज के सबसे निचले तबके यानी गरीब और मजदूरों को दो वक्त की सूखी रोटी भी नसीब नहीं हो पा रही है।
एडवोकेट रमाशंकर शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए गंभीर आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपनी आर्थिक नाकामियों और विफलताओं को छुपाने के लिए नित नए हथकंडे अपना रही है। सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें छद्म देशभक्ति का नारा दे रही है। कभी जनता को पेट्रोल कम खर्च करने की सलाह दी जाती है, तो कभी घर से ही काम (वर्क फ्रॉम होम) करने जैसे अजीबोगरीब और बेतुके नारे देकर देशवासियों को लगातार भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोग महंगाई पर सवाल न पूछ सकें।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक परिदृश्य को रेखांकित करते हुए एक बड़ी चेतावनी दी। श्री शर्मा ने कहा कि देश की जनता अब इस छलावे को अच्छी तरह समझ चुकी है। आगामी सन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सूबे की जागरूक जनता बीजेपी और मोदी सरकार को उसकी इन तमाम नाकामियों, बेतहाशा महंगाई और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का वोट की चोट से मुंहतोड़ जवाब देगी।
कलेक्ट्रेट में आयोजित इस उग्र और वैचारिक आंदोलन में रमाशंकर शर्मा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वरिष्ठ अधिवक्ता आई. डी. श्रीवास्तव, बी. एस. फौजदार, रामदत्त दिवाकर और आर. एस. मौर्य सहित भारी संख्या में स्थानीय अधिवक्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और इस मुहिम को एक बड़े जनआंदोलन में बदलने का संकल्प दोहराया।


