‘काली’ पोस्टर विवाद: डायरेक्टर बोली- पूरी दुनिया जानती है भारत में मोदी और शाह ही कानून, मेरे पास खोने को कुछ नहीं…

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नई दिल्ली: देवी काली को कथित तौर पर फिल्म के पोस्टर पर सिगरेट पीता हुआ दिखाने को लेकर फिल्म निर्देशिका लीना मणिमेकलाई को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है. उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने हिंदू भावनाओं को आहत किया है. साथ ही लोग उन पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं.

तमिलनाडु के मदुरई में जन्मीं लीना ने हाल ही में ट्विटर पर डॉक्युमेंट्री ‘काली’ का पोस्टर जारी किया था जिसमें एक महिला को देवी के रूप में दिखाया गया है जिसके हाथ में एलजीबीटी समुदाय का झंडा दिख रहा है और वो सिगरेट पीती हुई भी नज़र आ रही है.

ट्वीट कर उन्होंने बताया था कि ये फिल्म ‘रिदम्स ऑफ कनाडा’ के तहत अगा खान म्यूजियम का हिस्सा है.

लेकिन फिल्म निर्देशिका द्वारा डॉक्युमेंट्री का पोस्टर जारी करने के साथ ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर विवाद शुरू हो गया. लोगों का कहना है कि इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं.

ट्विटर पर ‘#ArrestLeenaManimekal’ ट्रेंड कर रहा है और उनपर कार्रवाई करने की मांग की जा रही है.

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक एक दिल्ली के वकील ने लीना के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. एजेंसी ने उनके हवाले से कहा, ‘निर्देशक ने मेरी धार्मिक भावनाओं को आहत किया है’.

बता दें कि लीना के खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए, 34 298, 505, आईटी एक्ट 67 के तहत मामला दर्ज कराया गया है.

‘मेरे पास खोने को कुछ नहीं’

लीना मणिमेकलाई ने उनकी फिल्म को लेकर हो रहे विवाद के बीच कहा कि उनके पास खोने को कुछ भी नहीं है और अगर इसकी कीमत उनकी जिंदगी है तो वो उसे भी देने को तैयार हैं.

लीना मणिमेकलाई ने एक ट्वीट कर कहा, ‘ये फिल्म एक घटना के इर्द-गिर्द घूमती है जो कि एक शाम घटित होती है. और ये घटना तब होती है जब काली टोरंटो में घूम रही होती है.’

लीना कहती है, ‘अगर आप फोटो को देखें तो ‘अरेस्ट लीना मणिमेकलाई’ हैशटैग को आगे न बढ़ाएं बल्कि ‘लव यू लीना मणिमेकलाई’ को आगे बढ़ाएं.’

लीना ने सोमवार को एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘मेरे पास खोने को कुछ नहीं है. मैं उन आवाज़ के साथ खड़ी रहना चाहती हूं जो किसी बात से डरे बिना अपनी बात कहते हों. अगर इसकी कीमत मेरी जिंदगी है तो मैं उसे देने को तैयार हूं.’

बीबीसी तमिल को दिए एक इंटरव्यू में लीना ने काली को लेकर हो रहे विवाद को कहा, ‘भारत सरकार एक धार्मिक कट्टरपंथी निरंकुश सरकार है. यह सरकार लोकतांत्रिक नहीं फासीवादी है जो सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, कलाकारों को दबाती है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘भारत में मोदी और शाह ही कानून हैं. ये पूरी दुनिया जानती है. क्या हर कोई सांस लेना और बोलना बंद कर सकता है? वे नफरत बो सकते हैं लेकिन कलाकार उस फसल को नहीं काटते.’

एक ट्विटर यूज़र ने कहा, ‘हर दिन हिंदू धर्म का मजाक उड़ाया जा रहा है. क्या सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है.’ साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्रवाई की मांग की है.

राजनीतिक विश्लेषक सैरव दत्त ने ट्वीट कर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और अनुराग ठाकुर से लीना मणिमेकलाई के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा, ‘हमारे देवी-देवताओं के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं करना चाहिए.’

हरियाणा भाजपा के इंचार्ज अरुण यादव ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि ये डॉक्युमेंट्री बैन होनी चाहिए और हर किसी को हिंदू भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए.

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता विनीत गोयनका ने ट्विटर को टैग करते हुए कहा, ‘यह ट्वीट हर भारतीय की बेइज्जती है क्योंकि मां काली को शक्ति के तौर पर पूजा जाता है. इस तरह उनको दिखाना दुनियाभर में भारतीय की संवेदनाओं को चोट पहुंचाना है. वो भी सिर्फ हिंदुओं का ही नहीं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि उनके ट्वीट को अब तक क्यों नहीं हटाया गया.’

-एजेंसी