आगरा: ताजनगरी में करोड़ों रुपये की कृषि भूमि के सौदे में धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। फतेहाबाद रोड स्थित पार्श्वनाथ प्रेरणा निवासी एक पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने जमीन बेचने का अनुबंध कर उनसे 44.51 लाख रुपये एडवांस ले लिए, लेकिन बैनामा (Registry) करने के बजाय वही जमीन किसी तीसरे पक्ष को बेच दी। थाना एकता पुलिस ने इस मामले में मुख्य विक्रेता और उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
1.10 करोड़ में हुआ था सौदा
पीड़ित पक्ष के अनुसार, श्रीमती मनोरमा गुप्ता के बच्चों—अर्पित और अंशी गुप्ता ने वर्ष 2025 में ग्राम बुधेरा निवासी नत्थाराम से मौजा ब्रह्मनगर स्थित कृषि भूमि खरीदने का सौदा 1 करोड़ 10 लाख रुपये में तय किया था। 6 जून 2025 को बाकायदा नोटराइज्ड विक्रय अनुबंध भी किया गया था।
रकम लेकर मुकरे आरोपी
आरोप है कि नत्थाराम ने अपने बेटों लक्ष्मण और महेश के साथ मिलकर चेक और नगद के माध्यम से कुल 44.51 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। इसके बाद जब पीड़ित परिवार ने बैनामा करने का दबाव बनाया, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में पता चला कि आरोपियों ने धोखाधड़ी करते हुए वही जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दी है।
अस्पताल बुलाकर दी धमकी
मामले में अजगर सिंह, परवेन्द्र सिंह और मुकेश कुमार को भी साजिश में शामिल होने के लिए नामजद किया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि 27 मार्च 2026 को उन्हें डीआरटी अस्पताल बुलाकर जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की गई और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी अब लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार भयभीत है।
पुलिस की कार्रवाई
थाना एकता पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विक्रय अनुबंध और बैंक ट्रांजैक्शन के साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

