रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। शाहबाद क्षेत्र के मुख्य बाजार निवासी बर्तन कारोबारी सुनील रस्तोगी और उनकी पत्नी नेहा रस्तोगी ने आत्महत्या कर ली है। गुरुवार सुबह घर की पहली मंजिल से गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन जब कमरे में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सबकी रूह कांप गई। पति-पत्नी के खून से लथपथ शव एक-दूसरे के पास पड़े मिले।
मौके पर पहुंची पुलिस को शवों के पास लाइसेंसी 315 बोर की राइफल, एक स्टील की रॉड और कई पन्नों की लिखी डायरी मिली। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि एक ही गोली दोनों को लगी थी। पुलिस का मानना है कि कारोबारी ने लोहे की रॉड की मदद से राइफल का ट्रिगर दबाया होगा। दोनों के बीच 2 से 3 फीट की दूरी थी,जब गोली चली, उस वक्त पत्नी उनके ठीक पीछे खड़ी थीं। गोली सुनील की गर्दन को चीरते हुए पत्नी की गर्दन के पार हो गई। घटना के बाद पूरे बाजार में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक कदम को लेकर चर्चा कर रहा है।
बीमारी और तंगी ने छीन ली जीने की इच्छा
पुलिस के मुताबिक सुनील रस्तोगी पिछले काफी समय से आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव में थे। उनकी पत्नी नेहा ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं और इलाज में लगातार खर्च बढ़ता जा रहा था। वहीं खुद सुनील भी गठिया की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि बीते कुछ महीनों से वह काफी चुप रहने लगे थे और अक्सर चिंता में डूबे दिखाई देते थे।
बताया जा रहा है कि पत्नी की तबीयत बिगड़ने और कारोबार पर असर पड़ने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ गई थी। पुलिस को मिली डायरी में भी उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों, इलाज के खर्च और मानसिक दबाव का जिक्र किया है। अधिकारियों का कहना है कि डायरी में लिखी बातें यह इशारा करती हैं कि वह लंबे समय से अवसाद में थे।
15 पन्नों की डायरी में कैद आखिरी दर्द
सुनील रस्तोगी ने आत्महत्या से पहले करीब 15 पन्नों की डायरी लिखी थी। इसमें उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष, बीमारी और परिवार की चिंता को विस्तार से लिखा। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल से उनका बेटा पीयूष पूरी जिम्मेदारी संभाल रहा था और माता-पिता की सेवा में लगा हुआ था।
डायरी में उन्होंने बेटे को “श्रवण कुमार” जैसा बताया। उन्होंने यह भी लिखा कि वह अब परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते। कारोबार, बेटी के भविष्य, जमीन-जायदाद और रिश्तेदारों को लेकर भी कई बातें लिखीं।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक सबूत पूर्णतः आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना ने न केवल शाहबाद बाजार, बल्कि पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है। हंसते-खेलते परिवार के इस अंत ने हर किसी को आर्थिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सोचने पर मजबूर कर दिया है।


