आगरा। भीषण गर्मी और हीटवेव की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आमजन से लू और अत्यधिक गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने तथा नींबू पानी, ओआरएस, ग्लूकोज व अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी हीटवेव और प्रतिकूल मौसम की चेतावनी के मद्देनजर राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा 33 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि से सभी नगरीय निकायों में छाया, शीतल पेयजल और अन्य राहत कार्य कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिसके चलते हीटवेव का प्रभाव अधिक होने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट करते हुए सभी अस्पतालों में विशेष वार्ड स्थापित किए गए हैं तथा चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश सीएमओ को दिए गए हैं। इसके साथ ही निराश्रित गौ आश्रय स्थलों पर शीतल पेयजल, छाया और हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों द्वारा बस स्टैंड, श्रमिक अड्डों, टैक्सी और ऑटो स्टैंड, प्रमुख चौराहों सहित सार्वजनिक स्थलों पर ग्रीन नेट, शेड और पेयजल की व्यवस्था कराई गई है। ग्राम पंचायतों में भी सार्वजनिक स्थलों, हाट और पैठ बाजारों में पानी के मटके और छाया की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसे स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में श्रमिक और यात्री एकत्र होते हैं, वहां प्याऊ और राहत शिविर संचालित किए जा सकें।
आगरा पर्यटन नगरी होने के कारण सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, आगामी एक सप्ताह तक सभी स्कूलों को बंद रखते हुए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हीटवेव से बचाव के लिए प्रशासन की सलाह
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें और यात्रा के दौरान पानी साथ रखें।
ओआरएस, नारियल पानी, लस्सी, छाछ, आम पन्ना और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। कमजोरी या चक्कर आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
क्या न करें
बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। तेज धूप में अधिक श्रम वाले कार्य करने से बचें। बासी भोजन और अधिक प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन न करें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं।


