आगरा: ताजनगरी की उपेक्षा और विकास के अधूरे वादों को लेकर विपक्षी खेमे ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमाशंकर शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए पूछा है कि आखिर आगरा की जनता और आगरा मंडल के साथ इतना बड़ा ‘धोखा’ और ‘छलावा’ क्यों किया जा रहा है?
2014 के वादे… और 2026 की हकीकत
वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कहा कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगरा की धरती से जो चुनावी वादे किए थे, वे आज भी कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आगरा की पांच प्रमुख मांगें हाई कोर्ट बेंच, इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना बैराज, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग आखिर कब पूरी होंगी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट का वादा आगरा से था, लेकिन उसे नोएडा भेज दिया गया। यमुना पर बैराज नहीं बना और कृषि विश्वविद्यालय का सपना भी अधूरा है।
स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ ‘चित्रकारी’
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर निशाना साधते हुए श्री शर्मा ने कहा कि आगरा की सड़कें उबड़-खाबड़ हैं और चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य है। स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ दीवारों पर चित्रकारी की गई है, जो जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। उन्होंने कहा कि आगरा एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, अगर यहाँ इंटरनेशनल एयरपोर्ट होता तो विकास को चार-चांद लग जाते, लेकिन नोएडा को प्राथमिकता देना आगरा का अपमान है।
हाई कोर्ट बेंच: 1956 से आज तक सिर्फ संघर्ष
अधिवक्ताओं की पीड़ा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जो हाई कोर्ट 1866 में आगरा में था, उसकी एक खंडपीठ के लिए 1956 से संघर्ष जारी है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार होने के बावजूद आज तक खंडपीठ नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सन 2001 में आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं की पीठ तो ‘खंड-खंड’ कर दी गई, लेकिन खंडपीठ का सपना पूरा नहीं हुआ।
चुप बैठे हैं आगरा के जनप्रतिनिधि
रमाशंकर शर्मा ने आगरा के भाजपा सांसदों, मंत्रियों और विधायकों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “आगरा में भाजपा की मिनी सरकार चल रही है, महापौर से लेकर पार्षद तक भाजपा के हैं, लेकिन वे सब मौन धारण किए हुए हैं। उन्हें जनता का वोट तो चाहिए, लेकिन आगरा के हक के लिए आवाज उठाने का साहस किसी में नहीं है।”
2027 के चुनाव में जनता देगी जवाब
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आगरा की जनता पिछले वादों का हिसाब मांगेगी। तब फिर से वही पुराने रटे-रटाए भाषण और भावनात्मक मुद्दे उछाले जाएंगे, लेकिन इस बार जनता भाजपा को उसकी असलियत जरूर बताएगी। उन्होंने पूछा कि आखिर आगरा का दोष क्या है, जो इसे लगातार पिछड़ा बनाया जा रहा है?
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