राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर छलका धीरेंद्र शास्त्री का दर्द, बोले- “रावण ने सीता जी को चुराया था, इन्होंने तो करोड़ों का भरोसा लूटा”

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जकार्ता। इंडोनेशिया के जकार्ता में मौजूद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अयोध्या राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान वे इस घटना को लेकर काफी भावुक नजर आए। उन्होंने मौजूदा दोषियों की तुलना रावण से करते हुए कहा, “आज के दौर में भी रावण मौजूद हैं, बस उनके रूप बदल गए हैं। रावण ने तो केवल माता जानकी का अपहरण किया था, लेकिन राम मंदिर के दानपात्र से चोरी करके इन लोगों ने लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को लूटा है।”

​पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मामले में दर्ज हुई FIR का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें इसकी सूचना मिली है, लेकिन यह मामला यहीं खत्म नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे कांड की गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह पक्का है कि इसमें और भी बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं जो जल्द ही कानून की गिरफ्त में होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच कड़वा जरूर होता है, लेकिन जिसे बुरा लगता है उसे लगने दें, क्योंकि वे सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगे।

​शास्त्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि रावण ने जब माता जानकी की चोरी की थी, तो अंततः उसका और उसके पूरे कुल का विनाश हो गया था। ठीक उसी तरह, राम मंदिर का चढ़ावा चुराने वाले अपराधी न केवल कानून की सख्त सजा भुगतेंगे, बल्कि उन्हें ईश्वर के दरबार से भी ‘महादंड’ प्राप्त होगा।

​उधर, इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठों आरोपी, जिनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्न भी शामिल है, फैजाबाद जेल में बंद हैं। जेल सूत्रों के अनुसार, इन सभी की पहली रात काफी तनावपूर्ण रही और वे जेल की कोठरी में करवटें बदलते रहे। जेल में बंद ये आरोपी आपस में इस पूरे कांड को लेकर चर्चा करते और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते भी देखे गए। अब इन सभी को आगामी सोमवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ से इनकी आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।