लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले ने अब एक गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने इन इस्तीफों की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि न्यास अपनी आगामी बैठक में इन त्यागपत्रों पर विचार करेगा।
कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने मंदिर में हुई हालिया घटनाओं पर गहरा दुख और पीड़ा व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “श्रीराम मंदिर (अयोध्या) में पिछले कुछ दिनों से सुनी हुई घटनाओं से हम स्तब्ध, आहत एवं अत्यंत दुखी हैं। समस्त रामभक्तों एवं रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में यहाँ सेवा करने वाले हम, इसकी न्यायपूर्ण जांच एवं रामभक्तों को आश्वस्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने रामभक्तों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के महामंत्री चंपत राय जी और न्यासी अनिल मिश्रा जी से त्यागपत्र प्राप्त हुआ है। न्यास अपनी आगामी बैठक में इसका विचार करेगा। न्यास उन श्रद्धालु भक्तों को आश्वस्त करता है जिन्होंने चांदी की ईंटें, आभूषण आदि प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पण हेतु न्यास के अधिकारियों को व्यक्तिशः सौंपी है, वे वस्तुएं सुरक्षित हिसाब सहित उपलब्ध हैं।”
मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि की घटना के संबंध में न्यास के निवेदन पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित एसआईटी (S.I.T.) से प्राप्त अंतरिम प्रतिवेदन के आधार पर न्यास ने एफआईआर (F.I.R.) की प्रविष्टि की है और उस पर वैधानिक कार्यवाही जारी है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति न बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा और अपराधियों को कानून के तहत यथायोग्य कड़ा दंड मिले, इसके लिए न्यास आग्रही रहेगा।
कोषाध्यक्ष ने यह भी जोर दिया कि असामाजिक, अधार्मिक और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर लांछन लगाने के प्रयास सफल नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे प्रसारित भ्रामक एवं निराधार अफवाहों से स्वयं बचें तथा अन्य लोगों को भी इसका शिकार न होने दें। उन्होंने अंत में कहा, “हमें विश्वास है कि ये बादल छटेंगे, अंधेरा हटेगा, सत्य-सूर्य का प्रकाश होगा तथा श्रीरामभक्ति की प्रबल धारा अखंड बहती रहेगी।”


