विकसित यूपी@2047: सीएम योगी का ‘स्मार्ट सिटी’ ब्लूप्रिंट; 15 मिनट की दूरी पर मिलेंगी सभी नागरिक सुविधाएं

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में “विकसित यूपी@2047” का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। इस विजन के तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों को अत्याधुनिक, डिजिटल और विश्वस्तरीय बनाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जाएगी। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत इस योजना का मुख्य उद्देश्य ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन सुगमता) को बढ़ाना और शहरों को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में विकसित करना है।

​एससीआर और क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों का उदय

दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब लखनऊ को राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उनकी भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर ‘क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र’ बनाए जाएंगे। ये केंद्र निवेश और रोजगार के प्रमुख हब बनेंगे, जिससे पूरे प्रदेश में संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित होगा।

15 मिनट का शहर और मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट

सरकार का सबसे क्रांतिकारी लक्ष्य “लिवेबल सिटीज मिशन” है। इसके तहत शहरों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार जैसी बुनियादी सुविधाएं उनके घर से मात्र 15 मिनट की दूरी पर मिल सकें।

परिवहन: मेट्रो, रैपिड रेल और इलेक्ट्रिक बसों के एकीकरण से एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित होगा।

लक्ष्य: सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25% तक ले जाना, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या जड़ से खत्म हो सके।

​जीआईएस मैपिंग और 100% डिजिटल गवर्नेंस

शहरी प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए जीआईएस (GIS) आधारित संपत्ति मानचित्रण लागू किया जाएगा। इससे टैक्स चोरी रुकेगी और राजस्व में वृद्धि होगी।

आईसीसीसी (ICCC): एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटरों के जरिए शहरों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।

​डिजिटल सेवा: सभी नगर निकायों की सेवाओं को 100% डिजिटल किया जाएगा, ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

टाउनशिप: हर जिले में विकास प्राधिकरणों के माध्यम से ‘थीम आधारित टाउनशिप’ और 100% जल आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यावरण सुरक्षा: ‘स्पंज सिटी’ का कॉन्सेप्ट

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए यूपी के शहरों को “स्पंज सिटी” के रूप में विकसित किया जाएगा।

​जल संचयन: वर्षा जल संचयन, तालाबों का पुनरुद्धार और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र को मजबूत किया जाएगा ताकि बाढ़ का खतरा कम हो और भूजल स्तर बढ़े।

​वेस्ट मैनेजमेंट: ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ प्लांट लगाकर शहरों को ‘शून्य-लैंडफिल’ (Zero-Landfill) बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह रोडमैप उत्तर प्रदेश के शहरों को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगा। 2047 तक उत्तर प्रदेश के शहर अपनी आधुनिक अधोसंरचना, समावेशी विकास और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के कारण विश्व पटल पर अग्रणी भूमिका में होंगे।