आगरा: ताजनगरी के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर स्थित भागूपुर पुल पर रविवार की रात एक भयंकर सड़क हादसा पेश आया। तेज रफ्तार और जल्दबाजी में किए गए ओवरटेक के चक्कर में एक क्विड कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई और जोरदार झटके के बाद पलट गई। दुर्घटना के कुछ ही पलों के भीतर कार में भीषण आग लग गई, और उसमें सवार तीन युवक भीतर ही बुरी तरह फंस गए। गनीमत यह रही कि उस विकट परिस्थिति में कांवड़ ड्यूटी पर गश्त कर रहे एक दिलेर उपनिरीक्षक ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग के बीच छलांग लगा दी और तीनों युवकों की जिंदगी सुरक्षित बचा ली।
ओवरटेक के चक्कर में बेकाबू हुई कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात एक क्विड कार में सवार होकर तीन युवक फिरोजाबाद की दिशा से आगरा की तरफ आ रहे थे। जब उनकी कार भागूपुर पुल के पास पहुंची, तो आगे चल रहे वाहनों को पार करने के लिए उन्होंने तेज रफ्तार में ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान चालक का वाहन से नियंत्रण छूट गया और तेज गति में गाड़ी सीधे सड़क के डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त और भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद ही कार के इंजन से उठी चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और वाहन में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वाहन के भीतर फंसे युवकों के बीच चीख-पुकार मच गई। इस भयावह मंजर को देखकर हाईवे से गुजर रहे राहगीरों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार के अंदर फंसे थे फिरोजाबाद के तीन युवक
इस दर्दनाक हादसे के वक्त कार के भीतर फिरोजाबाद के कोटला क्षेत्र के रहने वाले तीन युवक—जतिन (पुत्र परविंदर कुशवाह), पवन (पुत्र सुनील) और रुद्र (पुत्र मनीष पचौरी) सवार थे। दुर्घटना के कारण कार के दरवाजे और हिस्से इस तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे कि वे अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा था।
आग की लपटों के बीच मसीहा बनकर कूदे दरोगा
मौके पर हालात बेहद भयावह और जानलेवा बने हुए थे। कार धू-धू करके जल रही थी और अंदेशा था कि किसी भी क्षण कार का ईंधन टैंक फट सकता था। ऐसे खतरनाक वक्त में भी कांवड़ मेले की ड्यूटी के सिलसिले में इलाके में गश्त कर रहे उपनिरीक्षक अवनीश अग्निहोत्री अपने हमराही आरक्षी के साथ तुरंत वहां पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दरोगा अवनीश अग्निहोत्री ने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी खुद की जान को जोखिम में डालकर सीधे आग की लपटों के करीब पहुंचकर कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने का साहसिक प्रयास शुरू किया। अपनी जान की परवाह किए बगैर उन्होंने साहस का परिचय देते हुए एक-एक करके तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर खींच लिया। दरोगा की इस तत्परता और जांबाजी के कारण कुछ ही क्षणों में तीनों युवकों की जान बचा ली गई। मौके पर मौजूद आम जनता और राहगीरों ने भी पुलिसकर्मी के इस अदम्य साहस की जमकर सराहना की।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह भी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए थाना मोबाइल वाहन के जरिए तीनों घायल युवकों को तुरंत आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भिजवाया, जहां उनका तत्काल चिकित्सीय उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने के कारण अब तीनों युवकों की हालत पूरी तरह खतरे से बाहर है। दूसरी ओर, सूचना मिलते ही दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई और कड़ी मशक्कत के बाद जलती हुई कार पर पानी की बौछार कर आग पूरी तरह बुझाई। इस भीषण हादसे में कार बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से हाईवे से हटवाकर किनारे किया, जिसके बाद मार्ग पर सुचारु रूप से यातायात बहाल किया जा सका।
हर तरफ हो रही है दरोगा की बहादुरी की चर्चा
भागूपुर पुल पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जरा सी लापरवाही और तेज रफ्तार किस तरह इंसान को मौत के मुंह में धकेल सकती है, लेकिन वहीं दूसरी तरफ उपनिरीक्षक अवनीश अग्निहोत्री की सूझबूझ, कर्तव्यनिष्ठा और बेजोड़ साहस ने यह दिखा दिया कि खाकी वर्दी किस तरह जनता के लिए देवदूत साबित होती है। जलती हुई कार के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के इस साहसिक कदम की अब पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रशंसा की जा रही है।
