आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा पहुंचकर आगरा मंडल के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की सघन समीक्षा की। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, आगरा मेट्रो और एयरपोर्ट समेत प्रमुख परियोजनाओं पर अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने स्पष्ट किया कि विकास के कार्यों में भ्रष्टाचार या देरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अवैध खनन पर सख्त तेवर
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन को लेकर सबसे अधिक सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं द्वारा 20-25 टन वजन लादकर ग्रामीण सड़कों से गुजरने वाले वाहनों के कारण करोड़ों की सरकारी संपत्ति बर्बाद हो रही है। सीएम ने निर्देश दिया कि ऐसे वाहनों को तुरंत जब्त किया जाए और उन्हीं वाहनों की नीलामी या जुर्माने की राशि से टूटी हुई सड़कों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क को नुकसान पहुंचाने वाले माफियाओं पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
समयबद्ध विकास का ‘डेडलाइन’
आगरा मेट्रो और एयरपोर्ट के निर्माण कार्य पर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अक्टूबर तक दोनों ही महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का कार्य हर हाल में पूर्ण हो जाना चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री के आगमन पर उनका उद्घाटन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सड़कों को खोदकर छोड़ने वाली एजेंसियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जनता को राहत
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान को निर्देशित किया गया कि प्रदेश के सभी विधायकों द्वारा सौंपे गए विकास प्रस्तावों पर त्वरित निर्णय लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीकृति मिलते ही काम धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही, प्रदेश की प्रगति में बाधक है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के सांसदों, विधायकों व मंत्रियों से फीडबैक लिया। उन्होंने मंडलायुक्त और सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की सुविधाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण विकास है।


