लखनऊ। लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और लखनऊ वासियों को 413 करोड़ रुपये की लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का उपहार दिया।
स्वच्छता में लखनऊ को चाहिए ‘स्वर्ण पदक’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ नगर निगम की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम देश में तीसरे स्थान पर है। यह एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन हमारा अंतिम लक्ष्य इसे प्रथम स्थान पर पहुँचाना है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि शहर को नंबर-1 बनाना केवल महापौर, पार्षदों या सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक का सहयोग अनिवार्य है।
सरकार की प्राथमिकता: गरीब, किसान, महिला और युवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरकार की नीतियां केवल चार जातियों को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं गरीब, किसान, महिला और युवा। उन्होंने जोर दिया कि इन्हीं वर्गों के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए राज्य के सभी जनकल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
ऊर्जा संकट पर सीएम की दो टूक
प्रदेश में बिजली कटौती के हालिया आरोपों और विपक्ष के हमलों के बीच मुख्यमंत्री ने जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “ऊर्जा संकट के इस दौर में किसी के बहकावे में न आएं और अफवाहों से बचें। बिजली की जितनी आवश्यकता हो, उतना ही उपयोग करें। यह हमारा नागरिक दायित्व है। सरकार हर समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।”
स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना को गरीब परिवारों का सबसे बड़ा सहारा बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के अंतर्गत क्लेम दावों का निस्तारण निश्चित समय-सीमा के भीतर किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे को बढ़ाते हुए इसमें ‘आयुष’ पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।


