लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मॉल एवेन्यू आवास पर रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद, आनंद कुमार सहित प्रदेश भर के जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना था।
‘पांचवीं बार सत्ता वापसी का लक्ष्य’
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए पार्टी को अब और अधिक चुस्त-दुरुस्त और मुस्तैद होना होगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा के पक्ष में जनरुझान तेजी से बढ़ रहा है और पार्टी का एकमात्र लक्ष्य प्रदेश में पांचवीं बार ‘सर्वजन हिताय’ सरकार का गठन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जहाँ सर्वसमाज का हित पूरी तरह सुरक्षित है।
विपक्ष की ‘छलावा राजनीति’ पर निशाना
मायावती ने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये दल चुनाव के समय जनता से लोकलुभावन वादे तो बहुत करते हैं, लेकिन सरकार बनते ही उन्हें भुला देते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता को यह समझाएं कि उनका वोट ही उनका सबसे बड़ा अधिकार और हथियार है। उन्होंने विभाजनकारी और छलावे की राजनीति से जनता को सावधान रहने की सलाह दी।
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
बसपा सुप्रीमो ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक दबावों को आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि बसपा के शासनकाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और ‘सर्वजन हिताय’ की नीति ने समाज में एक बेहतर माहौल कायम किया था। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे पुनः उसी मॉडल पर भरोसा करें।
2007 जैसा सम्मान लौटाने का वादा
बैठक के दौरान मायावती ने वर्ष 2007 के अपने शासनकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय ब्राह्मण समाज सहित समाज के सभी कमजोर तबकों को उचित भागीदारी और सम्मान दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा का एजेंडा सर्वसमाज को साथ लेकर चलने का है। बैठक में संगठन की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और बूथ स्तर तक नेटवर्क को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए।


