लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी पर बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके ‘संगी-साथियों’ पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और गुप्त रूप से ‘अदृश्य शस्त्रों’ के जरिए देश व समाज पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है।
वकील कह रहे हैं कि लगे हाथों: भाजपाइयों के घर, दुकान, कार्यालय, प्रतिष्ठान के काग़ज़-नक्शे मंगाकर उनकी वैधता भी जांच ली जाए। साथ ही भाजपा और उनके संगी-साथियों द्वारा निर्माणों, आयोजनों व आपदाओं के नाम पर ‘जगह-जगह’ से बटोरे गये ‘तरह-तरह’ के चंदे-फ़ंड का हिसाब भी मांगा जाए और उनका ऑडिट हो। और हां जनता ये भी पूछ रही है कि इस बात का भी क़ानूनी पहलू समझाया जाए कि ‘अनरजिस्टर्ड’ लोग ज़मीन किसके नाम से लेकर अपना निर्माण करते हैं और ये संपत्तियां कैसे बेनामी नहीं हैं?
उन्होंने आगे लिखा, इसके अतिरिक्त जनता की जिज्ञासा ये भी है कि गुप्त-गतिविधियों में संलिप्त भाजपाई संगी-साथियों के ऐसे निर्माणों को ‘कार्यालय’ कहा जाए या ‘अड्डा’? इन ‘संगी-साथी’ अवैध लोगों का ख़र्चा-पानी कौन उठाता है? इसका कच्चा चिट्ठा तलाशकर खोला जाए। ये तथाकथित स्वदेशी ‘संगी-साथी’, विदेश भ्रमण करने क्यों जाते हैं? ये ‘संगी-साथी’ औपनिवेशिक समय से किसकी कठपुतली हैं? इन ‘संगी-साथियों’ का इतिहास मुख़बिरी का क्यों रहा है? ये ‘संगी-साथी’ सामाजिक सौहार्द क्यों बिगाड़ते हैं? वकील ये भी पूछ रहे हैं कि अब ये ‘संगी-साथी’ किस नई साज़िश के तहत ‘मानस के मान’ पर लाठियां चलवा रहे हैं
सपा प्रमुख के इन तीखे सवालों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। भाजपा की ओर से अभी इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अखिलेश यादव का यह बयान आगामी समय में बड़े राजनीतिक टकराव का संकेत दे रहा है।


