वाराणसी। काशी में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सारनाथ पुलिस ने मानव तस्करी और दुष्कर्म के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक मां ने चंद पैसों और कुछ साड़ियों के लालच में अपनी 12 साल की मासूम बेटी को दरिंदों के हवाले कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी लहरू यादव, ऑटो चालक रवि वर्मा और पीड़िता की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
16 हजार और 10 साड़ियों में बिका मासूम का बचपन
मामला जनवरी 2026 का है। बिहार के अरवल की रहने वाली एक महिला ने चंदौली निवासी लहरू यादव उर्फ राकेश को अपनी 12 साल की बेटी बेच दी थी। इसके बदले उसे केवल 16 हजार रुपये और 10 साड़ियाँ मिली थीं। आरोपी लहरू ने खुद को युवा दिखाने के लिए 90 हजार रुपये खर्च कर हेयर ट्रांसप्लांट कराया और बच्ची से मंदिर में जबरन शादी रचा ली। इसके बाद उसने चार महीने तक उसे बंधक बनाकर शारीरिक शोषण किया।
स्टेशन पर छोड़ा तो दूसरे दरिंदे ने उठाया फायदा
19 मई को आरोपी लहरू बच्ची को मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। वहां झारखंड निवासी ऑटो चालक रवि वर्मा ने बच्ची को अकेला पाकर मदद का झांसा दिया और उसे पहाड़िया स्थित अपने कमरे पर ले गया। वहां रवि ने भी बच्ची के साथ तालाब के पास और अपने घर पर दुष्कर्म किया।
पड़ोसियों की सतर्कता से बची जान
बच्ची के साथ हो रही दरिंदगी का खुलासा तब हुआ जब रवि के पड़ोसियों को घर में बच्ची की मौजूदगी पर संदेह हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत सारनाथ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को मुक्त कराया।
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि 21 मई को पीड़िता की तहरीर पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। शनिवार को पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है।


