आगरा में दोस्ती के नाम पर ‘ब्लैकमेलिंग’: हॉस्पिटल संचालक के बेटे से 5.45 लाख की वसूली, विधायक पास वाली गाड़ी का दिखाया रौब

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आगरा: ताजनगरी के थाना एत्मादुद्दौला क्षेत्र से दोस्ती के नाम पर ब्लैकमेलिंग और वसूली का एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। एक दबंग ने शहर के प्रतिष्ठित हॉस्पिटल संचालक के बेटे को अपनी फर्जी हनक के जाल में फंसाकर करीब 5.45 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोपी ‘विधायक’ का पास लगी फॉर्च्यूनर गाड़ी में घूमकर रौब जमाता था और विरोध करने पर छात्र की कनपटी पर तमंचा तान देता था।

दोस्ती की आड़ में बिछाया ‘हनीट्रैप’ जैसा जाल

पीड़ित छात्र के मुताबिक, आरोपी ने पहले उससे नजदीकी बढ़ाई और फिर धीरे-धीरे उसे अपनी दबंगई के जाल में उलझा लिया। खुद को रसूखदार दिखाने के लिए वह हमेशा सत्ताधारी गलियारों से जुड़े होने का दिखावा करता था। जब छात्र उसके प्रभाव में आ गया, तो आरोपी ने असली रंग दिखाना शुरू किया। पिछले छह महीनों से आरोपी छात्र को जान से मारने की धमकी देकर किश्तों में मोटी रकम वसूलता रहा। बदनामी और जान के डर से छात्र खामोशी से अपनी जमापूंजी और घर से पैसे लाकर लुटाता रहा।

2 लाख की नई डिमांड और पिता के साथ मारपीट

ब्लैकमेलिंग का यह घिनौना खेल तब उजागर हुआ जब आरोपी की भूख और बढ़ गई। उसने छात्र से एकमुश्त 2 लाख रुपये और मांगे। लगातार हो रही मानसिक प्रताड़ना से टूट चुके छात्र ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और परिजनों को आपबीती सुनाई। जब छात्र के पिता शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे, तो वहां मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं। आरोप है कि आरोपी और उसकी पत्नी ने मिलकर छात्र के पिता के साथ भी अभद्रता की और उनके साथ मारपीट कर उन्हें भगा दिया।

​पुलिस की रडार पर ‘विधायक पास’ वाली फॉर्च्यूनर

मामले की गंभीरता को देखते हुए एत्मादुद्दौला पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस फॉर्च्यूनर गाड़ी की तलाश कर रही है जिस पर ‘विधायक’ का पास लगा था। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या वह पास असली था या सिर्फ रौब गांठने के लिए फर्जी तरीके से लगाया गया था। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या आरोपी ने इस तरह और भी छात्रों को अपना शिकार बनाया है।

कठोर कार्रवाई की तैयारी

थाना एत्मादुद्दौला पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने छात्र को किस तरह अपने जाल में फंसाया, क्या उसके खिलाफ पहले भी ऐसी शिकायतें रही हैं, और विधायक पास लगी फॉर्च्यूनर का इस्तेमाल सिर्फ रौब जमाने के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।