पश्चिमी एशिया में गहराते संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा कदम: UAE के राष्ट्रपति से फोन पर की बात, ‘होर्मुज स्ट्रेट’ की सुरक्षा पर जताया कड़ा रुख

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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्र में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से टेलीफोन पर लंबी चर्चा की। इस बातचीत में पीएम मोदी ने न केवल यूएई को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

यूएई पर हमलों की कड़ी निंदा, शांति बहाली का संकल्प

​प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत ने यूएई के नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद और अस्थिरता के खिलाफ भारत पूरी मजबूती के साथ यूएई के साथ खड़ा है। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर सहमति

​वर्तमान युद्ध जैसी स्थिति में ‘होर्मुज स्ट्रेट’ का मुद्दा सबसे ऊपर रहा। यह वही समुद्री मार्ग है जहाँ से दुनिया का एक बड़ा तेल निर्यात गुजरता है। दोनों वैश्विक नेता इस बात पर सहमत हुए कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुचारू रखने के लिए इस जलमार्ग को सुरक्षित और खुला रखना अनिवार्य है। भारत की चिंता अपने उन व्यापारिक जहाजों को लेकर है जो इस संकटग्रस्त क्षेत्र में फंसे हुए हैं या वहां से गुजर रहे हैं।

तेल टैंकरों की जब्ती और ‘डील’ की खबरों का खंडन

​इस बीच, भारत सरकार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह ‘निराधार’ और ‘भ्रामक’ करार दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग के बदले जब्त किए गए तीन तेल टैंकरों को छोड़ने की शर्त रखी है। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने साफ किया कि तेहरान के साथ ऐसी कोई ‘डील’ नहीं हुई है। भारत अपने कूटनीतिक संपर्कों के माध्यम से 20 से अधिक भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए ईरान के संपर्क में बना हुआ है।

बचाव अभियान जारी: दो एलपीजी जहाजों ने पार किया ‘मौत का गलियारा’

​कूटनीतिक प्रयासों का असर भी दिखने लगा है। शनिवार तड़के भारतीय ध्वज वाले दो बड़े एलपीजी वाहक जहाज, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, ईरान के साथ सफल बातचीत के बाद करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहे।