लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर आगरा में दिखा उत्साह: केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने बाइक चलाकर जनजागरण रैली का किया नेतृत्व

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आगरा। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के त्याग, सेवा और सुशासन के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ रविवार को गढ़ी जीवनराम, हाथरस रोड पर भव्य समारोह एवं जनजागरण रैली का आयोजन किया गया। लोकमाता की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

रैली का नेतृत्व करते दिखे केंद्रीय मंत्री

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. बघेल द्वारा लोकमाता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत, उन्होंने स्वयं बाइक चलाकर शोभायात्रा एवं जनजागरण रैली का नेतृत्व किया, जिसने उपस्थित जनसमूह में भारी उत्साह भर दिया। बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने बाइक रैली में शामिल होकर लोकमाता के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की और उनके विचारों के प्रचार-प्रसार का संदेश दिया।

​सुशासन की प्रेरणास्रोत हैं लोकमाता

सभा को संबोधित करते हुए प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर केवल एक शासक नहीं थीं, बल्कि वे भारतीय इतिहास में सुशासन, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक समन्वय की सबसे बड़ी प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन त्याग और लोक-कल्याण के लिए समर्पित था, जो आज भी राष्ट्र निर्माण में हमें दिशा प्रदान करता है।

​21 जून को एत्मादपुर में विशाल आयोजन

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों को आगामी 21 जून 2026 को एत्मादपुर (आगरा) में आयोजित होने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में सादर आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उस दिन एक विशाल जनसभा होगी, जिसमें समाज के सभी वर्ग एक साथ जुटकर लोकमाता को याद करेंगे। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से एत्मादपुर पहुँचने का आह्वान किया।

​समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह चौहान, अध्यक्ष आकाश बघेल, गौरव धनगर, ओम सिंह बघेल, अनिल बघेल, पप्पू सिंह धनगर, रिंकू बघेल, सोनू बघेल, नीरज बघेल और गोपाल धनगर सहित समाज के अनेक प्रमुख लोग और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में जब समाज को सेवा और राष्ट्रभक्ति की आवश्यकता है, तब अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना अनिवार्य है। कार्यक्रम ने समाज में एक नई चेतना और एकता का संचार किया।