आगरा। कटरा हाथी शाह स्थित प्राचीन श्री प्रेमानिधि मंदिर में रविवार को पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के उपलक्ष्य में शरदोत्सव का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। अधिकमास के 15वें दिन मंदिर परिसर को एक भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया, जहाँ कार्नेसर, रजनीगंधा और जरबरा के श्वेत पुष्पों की महक से पूरा वातावरण सुगंधित हो उठा।
दिव्य शृंगार और अलौकिक दर्शन
मंदिर को एक ‘दिव्य बंगले’ की तरह सजाया गया था। ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज को श्वेत वस्त्र और चांदी के आभूषणों से सुसज्जित किया गया। प्रभु के इस अद्भुत और मनमोहक स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे।
मंदिर के मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि शरद पूर्णिमा भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला की उस अलौकिक रात्रि का प्रतीक है, जिसे साकार करने के लिए ही आज मंदिर में विशेष सजावट और शृंगार किया गया है।
अमृतमयी भोग और महारास का कीर्तन
सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी के अनुसार, सुबह से ही मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए थे। मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि ठाकुर जी को विशेष रूप से अमृतमयी खीर और पान का भोग अर्पित किया गया, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।
इस अवसर पर कीर्तनकारों ने महारास से जुड़े विभिन्न पदों का गायन किया, जिससे मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कीर्तन की धुन और प्रभु की महिमा के गान से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात ब्रज की लीलाएं कटरा हाथी शाह के प्रांगण में उतर आई हों। इस आयोजन ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति के गहरे भाव को जागृत किया।


