अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, कभी-कभी मदद कर देते हैं…जब लोकसभा में बोले पीएम मोदी, मुस्कुराते रहे सपा प्रमुख

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नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली। जहाँ समाजवादी पार्टी ने इन विधेयकों को संविधान विरोधी बताया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में सपा नेताओं पर तंज भी कसे और अपनी पिछड़ी पृष्ठभूमि का गर्व से उल्लेख भी किया।

​”अखिलेश मेरे मित्र हैं, कभी-कभी मदद कर देते हैं”: पीएम मोदी

चर्चा के दौरान एक रोचक मोड़ तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे सपा मुखिया अखिलेश यादव की ओर इशारा किया। पीएम ने मुस्कुराते हुए कहा, “अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, कभी-कभी (अनजाने में ही सही) मदद कर देते हैं।” प्रधानमंत्री के इस बयान पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा और अखिलेश यादव भी हाथ जोड़कर मुस्कुराते नजर आए।

​धर्मेंद्र यादव के वार पर पीएम का ‘ओबीसी’ कार्ड

​सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने चर्चा के दौरान सरकार पर संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ‘महिला आरक्षण की चाशनी’ में लपेटकर ऐसे बदलाव कर रही है जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं। इस पर पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए कहा, “धर्मेंद्र जी, आपने सही किया जो मेरी पहचान करा दी। मैं अति पिछड़े वर्ग से आता हूँ। यह इस देश के संविधान की ही ताकत है कि मेरे जैसा व्यक्ति आज इतने बड़े पद पर है। हमारे लिए संविधान सर्वोपरि है।”

​धर्मेंद्र यादव ने जताई ‘चक्रव्यूह’ की आशंका

धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में तीनों नए विधेयकों (UT संशोधन, परिसीमन और 131वां संशोधन) का विरोध करते हुए कहा कि सरकार आरक्षण की आड़ में व्यापक बदलाव लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कश्मीर और असम का उदाहरण देते हुए संकेत दिया कि केंद्र सरकार संवैधानिक प्रावधानों को अपने हिसाब से मोड़ रही है, जो भविष्य में लोकतंत्र के लिए खतरा हो सकता है।

​”बहनों पर भरोसा करो, राजनीति की बू मत ढूंढो”: प्रधानमंत्री

​विपक्ष द्वारा बिल को चुनावी एजेंडा बताए जाने पर पीएम मोदी ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “महिलाएं कभी पीछे नहीं रहीं, हमारी बेटियों ने देश का नाम रोशन किया है। जो लोग इसमें राजनीति ढूंढ रहे हैं, वे अपनी सोच और पहनावा देख लें। देश की बहनों पर भरोसा तो करो, उन्हें एक बार निर्णय प्रक्रिया में आने तो दो।” उन्होंने साफ किया कि इस ऐतिहासिक कदम को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है।