आगरा: मण्डलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में मंगलवार को मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मण्डल के चारों जनपदों (आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा) में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, प्रवर्तन कार्यवाही और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
1. प्रवर्तन कार्यवाही और रैंकिंग में सुधार
समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2025-26 में फिरोजाबाद और मैनपुरी में हेलमेट, सीटबेल्ट और मोबाइल प्रयोग के विरुद्ध चालानों में 200% की भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2026 की प्रथम तिमाही में आगरा, मथुरा और मैनपुरी की सुरक्षा रैंकिंग में सुधार हुआ है, जबकि फिरोजाबाद की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। मण्डलायुक्त ने फिरोजाबाद प्रशासन को दुर्घटनाएं कम करने हेतु विशेष प्रयास के निर्देश दिए।
2. ‘जीरो फेटीलिटी’ और सड़क सुरक्षा मित्र
मण्डल में सेव लाइफ फाउण्डेशन के सहयोग से जीरो फेटीलिटी प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके तहत आगरा (13), फिरोजाबाद (11), मैनपुरी (09) और मथुरा (12) में सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है।
सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों में ‘क्रिटिकल काॅरीडोर टीम’ गठित की गई है जो अवैध कटान बंद करने और ड्रंकन ड्राइविंग रोकने पर काम कर रही है।
मण्डलायुक्त ने शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ तहसील और ब्लॉक स्तर पर रोड़ सेफ्टी क्लब बनाने के निर्देश दिए।
3. स्कूली वाहनों पर कड़ी निगरानी
स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए विकसित ‘यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल’ की समीक्षा की गई। मण्डल में 3569 वाहनों की जांच की जा चुकी है। जिन स्कूलों ने वाहनों की तकनीकी फिटनेस का शपथ पत्र पोर्टल पर अपडेट नहीं किया है, उनकी सूची BSA और DIOS को भेजकर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
4. लाइसेंस निलंबन और ओवरलोडिंग पर प्रहार
पिछले दो माह में मण्डल में कुल 710 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि यदि किसी सड़क दुर्घटना में जनहानि होती है, तो संबंधित लापरवाह चालक का लाइसेंस तत्काल रद्द या निलंबित करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।
ओवरलोडिंग: मण्डल में 7338 ओवरलोड वाहनों से 18.46 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है। जिन टोल प्लाजा पर ‘वे इन मोशन ब्रिज’ नहीं हैं, वहां इन्हें जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
5. एक्सप्रेसवे के लिए ’10 दिवसीय महाअभियान’
एक्सप्रेसवे पर खड़े भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मण्डलायुक्त ने बड़ा फैसला लिया 27 अप्रैल से परिवहन, पुलिस, जीएसटी और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम 10 दिवसीय अभियान चलाएगी। एक्सप्रेसवे किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों और ढाबों के संचालन पर रोक लगाई जाएगी। स्लीपर बसों में अवैध माल ढुलान की सघन चेकिंग होगी। एक्सप्रेसवे पर PPP मोड पर पार्किंग संचालन का प्रावधान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
6. एंबुलेंस रिस्पाॅन्स और ब्लैक स्पाॅट
मण्डल में 220 ब्लैक स्पाॅट चिन्हित किए गए हैं, जहाँ सुधार कार्य जारी है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं के स्थलों पर एंबुलेंस पहुँचने के समय (Response Time) का सर्वे कर रिपोर्ट दी जाए। साथ ही आगरा इनर रिंग रोड, करहल और नवीगंज टोल प्लाजा पर क्रेन व एंबुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

