आगरा: जनपद में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता में बड़ी सेंधमारी सामने आई है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रतिभा सिंह द्वारा कराई गई ‘थर्ड पार्टी’ जांच (स्वतंत्र एजेंसी से सत्यापन) की रिपोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के दावों की पोल खोल दी है। जांच में पाया गया कि करोड़ों की लागत से बनी और मरम्मत की गई सड़कों में मानकों को ताक पर रखा गया है।
35 में से एक दर्जन सड़कें मानकों पर ‘फेल’
वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत सीडीओ ने सात नई सड़कों सहित कुल 35 सड़कों का भौतिक सत्यापन कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक दर्जन सड़कों की स्थिति अत्यंत दयनीय मिली है। कहीं सीसी (सिमेंट कंक्रीट) रोड का काम अधूरा और घटिया है, तो कहीं नई बनी सड़कों पर अभी से ही गहरे गड्ढे उभर आए हैं। सत्यापन रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्माण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मानकों की घोर अनदेखी की।
एक महीने का अल्टीमेटम, फिर होगी एफआईआर!
सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद सीडीओ प्रतिभा सिंह ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि जिन सड़कों में कमियां मिली हैं, उन्हें एक महीने के भीतर हर हाल में ठीक किया जाए।
सीडीओ ने चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा के भीतर मरम्मत कार्य पूरा नहीं हुआ या गुणवत्ता में फिर से सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीडीओ की दोटूक: “गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं”
सीडीओ ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और मजबूती पर जोर दे रही है। जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में होने वाले सभी निर्माण कार्यों की भी औचक जांच कराई जाएगी।
इन प्रमुख मार्गों की खुली पोल (सत्यापन सूची):
सीडीओ के आदेश पर जिन प्रमुख मार्गों की जांच हुई उनमें किरावली-अछनेरा रोड, बटेश्वर-नगला ईंट, बाह-कैंजारा, खंदौली-आंवलखेड़ा, खेरागढ़-नगला कमाल, और सैंया-लादूखेड़ा मार्ग समेत 35 सड़कें शामिल हैं। अब इन सभी मार्गों पर पीडब्ल्यूडी को अपनी रिपोर्ट और सुधार कार्य प्रस्तुत करना होगा।

