अखंड दत्त बावनी: दत्तात्रेय आश्रम ने 1.25 लाख पान-लवंग, 51 कुंडी यज्ञ से रचा इतिहास

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एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी से बना ऐतिहासिक क्षण
भरूच (गुजरात), 12 मई: हांसोट तहसील के कोसांबा ख़रच गांव स्थित आध्यात्मिक साधना और वैदिक परंपराओं के संरक्षण का केंद्र बने दत्तात्रेय आश्रम ने एक बार फिर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आश्रम में आयोजित 24 घंटे अखंड दत्त बावनी पाठ और उसके बाद 1,25,000 नागरवेल (पान) और लवंग बीड़ा अर्पण के साथ 51 कुंडी श्री हनुमान यज्ञ को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। इसके साथ ही इस अद्भुत आयोजन को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए भी आवेदन किया गया है।

इस उपलब्धि को लेकर आश्रम द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में  आश्रम के संस्थापक आचार्य श्री भाविनभाई पंड्या और आचार्य श्री मननभाई पंड्या ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से आश्रम में अखंड धुनी निरंतर प्रज्वलित है। यहां गौ सेवा, मंदिर, भोजनालय और यज्ञशाला के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आश्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वैदिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।

हाल ही में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 6 मई 2026 को शाम 4 बजे से 7 मई 2026 को शाम 4 बजे तक 24 घंटे का अखंड दत्त बावनी पाठ किया गया। साथ ही 51 कुंडों में विशाल हनुमान यज्ञ आयोजित हुआ, जिसमें 1,25,000 पान और लवंग बीड़ा अर्पित किए गए। इस आयोजन में 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जबकि 500 से 1,000 साधक यज्ञ में सहभागी बने।

गौरतलब है कि आश्रम ने इससे पहले भी एक साथ 1,008 हनुमान यज्ञ कर विश्व स्तर पर पहचान बनाई थी। अब यह नया रिकॉर्ड आश्रम की आध्यात्मिक साधना और जनभागीदारी का प्रमाण बन गया है।

आश्रम में हर रविवार ‘अर्जी’ कार्यक्रम भी आयोजित होता है, जिसमें श्रद्धालु नारियल, घी और तिल अर्पित कर भगवान दत्तात्रेय से अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करते हैं।