आगरा, 21 अप्रैल 2026: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आज आगरा केंद्रीय कारागार का महत्वपूर्ण निरीक्षण किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को समझना और उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
बंदियों के अधिकारों पर चर्चा और समस्याओं का समाधान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव पंकज कुमार (प्रथम) ने शिविर के दौरान बंदियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कैदियों की विधिक समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सचिव ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि जेल परिसर के भीतर किसी भी बंदी के साथ जाति या अन्य आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण और PLV को निर्देश
निरीक्षण के दौरान जेल में संचालित ‘लीगल एड क्लीनिक’ की कार्यप्रणाली को भी परखा गया। वहां तैनात जेल पीएलवी (Para Legal Volunteers) को निर्देशित किया गया कि यदि किसी बंदी को मुफ्त विधिक सहायता या वकील की आवश्यकता है, तो उसका प्रार्थना पत्र वरिष्ठ अधीक्षक के माध्यम से तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा को भेजा जाए।
राष्ट्रीय लोक अदालत: 07 से 09 मई तक चलेगा अभियान
सचिव पंकज कुमार ने जानकारी दी कि आगामी 09 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही 07, 08 और 09 मई को विशेष लोक अदालत भी लगाई जाएगी। उन्होंने अपील की कि जो भी पक्षकार अपने मुकदमों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त करना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित मामलों में समय और धन दोनों की बचत होती है और विवादों का स्थाई समाधान निकलता है।

