चीन को ‘घेरने, दबाने और रोकने’ की पूरी कोशिश कर रहा है अमेरिका: शी जिनपिंग

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लेकिन चीन की नेशनल पीपल्स कांग्रेस के दौरान आयोजित राजनीतिक सलाहकारों के समूह की एक बैठक में व्यापारियों से बात करते हुए उन्होंने अमेरिका को निशाने पर लिया.

उन्होंने कहा कि अमेरिका चीन को ‘घेरने, दबाने और रोकने’ की पूरी कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस कारण चीन के सामने कई ‘चुनौतियां’ खड़ी हो गई हैं.

दूसरी तरफ चीन के विदेश मंत्री चिन गांग ने मंगलवार को राष्ट्रपति के बयान का समर्थन किया और चीन-अमेरिका के तनावपूर्ण रिश्तों के लिए अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया.

उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका ने अपनी हरकतों पर ब्रेक नहीं लगाया और ग़लत राह पर चलना बंद नहीं किया तो चाहे कितनी भी सुरक्षा रखी जाए गाड़ी का पटरी से उतरना तय है और इससे संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है. अगर ऐसा हुआ तो इसका परिणाम भयंकर होगा?”

उन्होंने कहा, “ये एक लापरवाह खेल है जिसमें दोनों पक्षों के हित और साथ ही पूरी मानवता का भविष्य शामिल है. ये सामान्य बात है कि चीन हर तरह से इसके ख़िलाफ़ है.”

चिंग गांग ने ताइवान मामले का ज़िक्र किया और कहा कि ये वो लाल रेखा है जिसे पार करने की इजाज़त नहीं है.

चिन गांग ने कहा, “ताइवान का सवाल चीन के मूल हितों से जुड़ा है, ये चीन अमेरिका के राजनीतिक रिश्तों के मूल में है और दोनों के रिश्तों में ये वो लाल रेखा है जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए.”

“ताइवान मामले पर सवाल खड़ा करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से अमेरिका की है. हम अमेरिका के ताइवान मामले को लेकर इसलिए बात कर रहे हैं ताकि हम उसे कहें कि वो चीन के आंतरिक मामलों में दखलअंदाज़ी न करे.”

अमेरिका में कई जगहों पर ऊंचाई पर उड़ने वाले चीन के बलून देखे जाने के बाद अमेरिका और चीन के बीत रिश्ते और बिगड़ गए हैं.

अमेरिका ने ये कहते हुए चीनी बलून को गिरा दिया था कि इसमें जासूसी के लिए उपकरण लगे हुए थे.

लेकिन चीन ने कहा कि ये मौसम की जानकारी इकट्ठा करने वाला बलून था जो रास्ता भटक कर अमेरिका के इलाक़े में चला गया था, लेकिन अमेरिका ने इसे लेकर ओवररिएक्ट किया है.

Compiled: up18 News