मुंबई (अनिल बेदाग): दक्षिण भारत में अपनी शुद्धता और विश्वसनीयता की धाक जमा चुका प्रमाणित डेयरी ब्रांड ‘अक्षयकल्पा ऑर्गेनिक’ (Akshayakalpa Organic) अब पश्चिम भारत के प्रमुख महानगरों— मुंबई और पुणे में कदम रख चुका है। 2010 में शुरू हुआ यह ब्रांड ‘स्वच्छ पोषण’ और ‘किसान सशक्तिकरण’ के विजन के साथ महाराष्ट्र के बाजारों में एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।
शुद्धता और पारदर्शिता का वादा
महानगरों में आज दूध और डेयरी उत्पादों की शुद्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, अक्षयकल्पा एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरा है। कंपनी की पूरी रेंज, जिसमें दूध, घी, दही, पनीर, मक्खन, चीज़ और छाछ शामिल हैं, पूरी तरह सेएंटीबायोटिक्स से मुक्त है। सिंथेटिक हार्मोन रहित है। किसी भी प्रकार के रासायनिक अवशेषों से मुक्त है।
सीईओ का विजन: “भरोसा ही हमारी पूंजी”
विस्तार के इस मौके पर कंपनी के संस्थापक और सीईओ शशि कुमार ने कहा, “हमने डेयरी क्षेत्र में कभी शॉर्टकट नहीं अपनाया। हमारा उद्देश्य केवल उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के मन में यह विश्वास पैदा करना है कि जो भोजन उनकी मेज पर पहुँच रहा है, वह पूरी तरह सुरक्षित और शुद्ध है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि मुंबई और पुणे में यह विस्तार केवल बिजनेस नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में बढ़ाया गया कदम है।
महाराष्ट्र में बड़ा निवेश और सामाजिक प्रभाव
अक्षयकल्पा ऑर्गेनिक ने महाराष्ट्र के बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 50 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। कंपनी का बिजनेस मॉडल न केवल शहरी ग्राहकों को स्वस्थ विकल्प देता है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर एक टिकाऊ इकोसिस्टम तैयार करने पर भी केंद्रित है।
इस पहल से न केवल उपभोक्ताओं को रसायनों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि स्थानीय किसानों की आय बढ़ने और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान मिलने की उम्मीद है।

