एसजीएसटी की जटिलताओं से मिलेगी राहत? नेशनल चैम्बर ने प्रमुख सचिव के सामने रखीं व्यापारियों की 6 बड़ी मांगें

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आगरा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग की तकनीकी और व्यावहारिक विसंगतियों से जूझ रहे व्यापारियों के लिए नेशनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने आवाज उठाई है। चैम्बर के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसजीएसटी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती कामिनी चौहान से भेंट कर उन्हें 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रमुख सचिव ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया और जल्द ही सकारात्मक समाधान निकालने का भरोसा दिलाया है।

प्रमुख सचिव के सामने उठी ये मांगें:

चैम्बर के उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग, जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल और कोषाध्यक्ष विनय मित्तल ने प्रमुख सचिव के समक्ष निम्नलिखित बिंदु रखे:

तकनीकी त्रुटियों पर राहत: ई-वे बिल, इनवॉइस या वाहन संख्या में होने वाली मामूली तकनीकी गलतियों पर भारी जुर्माना और जमानत राशि वसूलने के बजाय सहानुभूतिपूर्वक राहत दी जाए, क्योंकि इनका उद्देश्य कर चोरी नहीं होता।

एसआईबी के लिए स्पष्ट SOP: जांच के दौरान एसआईबी अधिकारियों द्वारा स्पष्ट कारण बताने, उसकी लिखित प्रति उपलब्ध कराने और नोटिस से हल होने वाले मामलों में अनावश्यक जांच से बचने के लिए एक स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) अनिवार्य किया जाए।

अपील प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण: माल रोके जाने पर लगने वाले अर्थदंड के खिलाफ अपील करने के लिए दूसरे शहरों में जाने की अनिवार्यता खत्म की जाए। इसे व्यापारी के पंजीकरण वाले शहर में ही करने की सुविधा मिले।

पोर्टल पर पुन: अवसर: नोटिस का उत्तर देने की समय-सीमा निकलने पर भी करदाताओं को एडजर्नमेंट आवेदन के माध्यम से पोर्टल पर पुनः उत्तर देने का अवसर मिलना चाहिए।

आईटीसी नोटिसों पर लगाम: पिछले 15 महीनों से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के नाम पर भेजे जा रहे निराधार नोटिसों की झड़ी बंद हो। एक ही मामले में बार-बार नोटिस और फिर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया से व्यापारियों का समय और संसाधन नष्ट हो रहे हैं।

नोटिस की भौतिक प्रति: विभाग केवल ईमेल पर ही निर्भर न रहे, बल्कि नोटिस की एक फिजिकल कॉपी (भौतिक प्रति) भी फर्म को भेजे ताकि विभाग और व्यापारी के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता बनी रहे।

प्रमुख सचिव का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात रखते हुए बताया कि फर्जी डीलरों के आधार पर पूरी व्यापारिक श्रृंखला को संदिग्ध मानने से ईमानदार व्यापारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रमुख सचिव श्रीमती कामिनी चौहान ने चैम्बर द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं को ध्यानपूर्वक सुना और व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ही सकारात्मक और प्रभावी कदम उठाएगा।

इस मुलाकात से स्थानीय व्यापार जगत में उम्मीद की लहर है, क्योंकि इन समस्याओं के समाधान से न केवल व्यापारियों का समय बचेगा, बल्कि व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को भी बढ़ावा मिलेगा।