मोबाइल की लत के खिलाफ आगरा की महिलाओं का हल्लाबोल: अखिल भारतीय महिला परिषद चलाएगी ‘जागरूकता अभियान’

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आगरा: मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को एक ‘गंभीर सामाजिक खतरा’ मानते हुए अखिल भारतीय महिला परिषद (आगरा नगर शाखा) ने समाज को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। परिषद की मासिक बैठक में मोबाइल के दुरुपयोग और इसके मानसिक-शारीरिक दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता जताई गई। साथ ही, संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए अगले माह कार्यकारिणी चुनाव कराने का भी निर्णय लिया गया।

​”रील्स की दुनिया” में खोते रिश्तों पर चिंता

बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती उमा सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन लोगों की दिनचर्या का हिस्सा नहीं बल्कि ‘मालिक’ बन गया है। उन्होंने कहा, “हर कोई या तो रील बना रहा है या घंटों देख रहा है। इस प्रवृत्ति ने लोगों को अपने ही परिवार और समाज से काट दिया है।” उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं में बढ़ती मोबाइल की लत को नियंत्रित करने के लिए अगले माह एक विस्तृत परिचर्चा आयोजित करने का ऐलान किया।

​मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा

परिषद की स्टैंडिंग कमेटी सदस्य और आरबीएस कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. सुषमा सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को डिप्रेशन और शारीरिक बीमारियों की बड़ी वजह बताया। परिषद का संकल्प है कि इस अभियान के जरिए समाज के हर वर्ग को मोबाइल के संतुलित प्रयोग के बारे में शिक्षित किया जाएगा।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी जाएगी नई टीम

संगठन की मजबूती के लिए बैठक में यह भी तय किया गया कि अगले माह कार्यकारिणी चुनाव कराए जाएंगे। नई टीम का गठन होने से परिषद की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

प्रमुख उपस्थिति:

बैठक में कोषाध्यक्ष चित्ररेखा कटियार, काउंसलर प्रेमलता, सरोज प्रशांत, रजनी, चंद्रा मेहरोत्रा, पूनम शर्मा और रूपा सहित कई सक्रिय सदस्याएं मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में मोबाइल जागरूकता अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।