मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयां देने वाले यश चोपड़ा की विरासत अब फिल्म इंडस्ट्री के ‘असली नायकों’ यानी फिल्म वर्कर्स के बच्चों का भविष्य संवार रही है। यश चोपड़ा फाउंडेशन (YCF) ने अपने प्रतिष्ठित ‘व्हाईसीएफ स्कॉलरशिप प्रोग्राम 2026’ के दूसरे चरण की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस अनूठी पहल का उद्देश्य फिल्म जगत के मेहनतकश परिवारों के होनहार बच्चों के सपनों को पंख देना और उन्हें आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने से बचाना है।
₹5 लाख तक की सीधी सहायता
इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम की सबसे खास बात यह है कि इसके तहत प्रत्येक चयनित छात्र को ₹5 लाख तक की वित्तीय मदद प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे उन मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को ट्यूशन फीस के रूप में भेजी जाएगी जहाँ छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यह योजना विशेष रूप से उन पंजीकृत फिल्म वर्कर्स और व्हाईसीएफ साथी सदस्यों के बच्चों के लिए डिजाइन की गई है, जो अपनी मेहनत से पर्दे के पीछे रहकर सिनेमा को जीवंत बनाते हैं।
क्रिएटिव से लेकर प्रोफेशनल कोर्सेज़ तक शामिल
फाउंडेशन ने स्कॉलरशिप के दायरे को काफी व्यापक रखा है। छात्र न केवल फिल्म स्टडीज़, सिनेमैटोग्राफी, एनीमेशन और मीडिया जैसे रचनात्मक क्षेत्रों के लिए आवेदन कर सकते हैं, बल्कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ (वकालत), मैनेजमेंट और आईटी जैसे मुख्यधारा के प्रोफेशनल कोर्सेज़ के लिए भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। चयन का मुख्य पैमाना छात्र का पिछला शैक्षणिक प्रदर्शन और परिवार की आर्थिक स्थिति होगी।
उम्मीद की नई किरण: 60% परिवारों को मिलेगा सहारा
यशराज फिल्म्स (YRF) के सीईओ अक्षय विधानी ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि इंडस्ट्री के लगभग 60 प्रतिशत से अधिक परिवार उच्च शिक्षा के भारी-भरकम खर्च को वहन करने में असमर्थ महसूस करते हैं। यह स्कॉलरशिप उन परिवारों के लिए केवल एक वित्तीय मदद नहीं, बल्कि उनके बच्चों के लिए एक सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की गारंटी है।
इस पहल के जरिए यश चोपड़ा फाउंडेशन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य केवल स्क्रीन पर दिखने वाले सितारों से नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले हर हाथ की मजबूती से तय होगा।

