Agra News: जेल की दीवारों के पार विधि छात्रों ने समझे न्याय के मानवीय पहलू, जिला कारागार का किया शैक्षिक भ्रमण

Career/Jobs

आगरा: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा एवं आगरा कॉलेज के विधि संकाय के लीगल एड क्लीनिक द्वारा संचालित ग्रीष्मकालीन विधि इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत एक विशेष शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण में विधि के छात्र-छात्राओं ने जिला कारागार, आगरा के भीतर न्याय व्यवस्था के व्यावहारिक और मानवीय पहलुओं को करीब से समझा।

​’सुधार और पुनर्वास है आधुनिक कारागार का लक्ष्य’

जेल प्रशासन ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें कारागार की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों के दैनिक दिनचर्या और उनके पुनर्वास के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कारागार व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों को शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करना है।

कानून की पढ़ाई के साथ संवेदनशीलता जरूरी

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कारागार में बंदियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों और निःशुल्क विधिक सहायता की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और शिक्षकों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सफल विधि विशेषज्ञ वही है जो कानून की धाराओं के साथ-साथ समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील हो। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था के व्यावहारिक स्वरूप को समझना विधि छात्रों के पेशेवर विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

​छात्रों के लिए रहा प्रेरणादायक अनुभव

प्रतिभागी विद्यार्थियों ने इस दौरे को अत्यंत ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की कार्यशैली को करीब से देखना और बंदियों को दी जा रही विधिक सहायता को समझना उनके लिए एक नई सीख रही।

​अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस शैक्षिक भ्रमण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार, डिप्टी एलएडीसी रवींद्र वर्मा, सहायक एलएडीसी मृणाल, श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा और अधिवक्ता प्रमिला शर्मा सहित कारागार के अधिकारी व विधि के इंटर्न छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सचिव पंकज कुमार ने अंत में कहा कि यह पहल छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व और समर्पण की भावना विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगी।