आगरा। दयालबाग और पोईया घाट के बीच यमुना नदी पर बना अस्थायी पैंटून (पीपों) पुल अब कुछ ही दिनों का मेहमान है। सोमवार से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल को हटाने का काम शुरू कर दिया है। विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों में पुल पूरी तरह खोल दिया जाएगा, जिसके बाद इस मार्ग से सभी प्रकार का आवागमन बंद हो जाएगा। पुल बंद होने से प्रतिदिन इस रास्ते का उपयोग करने वाले हजारों लोगों को अब लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ेगा।
मार्च में शुरू हुआ था, जाम से दिलाई थी राहत
यह पैंटून पुल मार्च माह में आम लोगों के लिए खोला गया था। इसके शुरू होने के बाद दयालबाग, पोईया घाट और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली थी। खासकर टेड़ीबगिया और रामबाग चौराहे पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से बचने के लिए बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक इसी मार्ग का इस्तेमाल करते थे। इससे यात्रियों का समय बचने के साथ ईंधन की भी काफी बचत होती थी।
अब फिर बढ़ेगी जाम की परेशानी
पुल हटने के साथ ही लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। नियमित रूप से इस मार्ग से आने-जाने वालों का कहना है कि पुल बंद होने के बाद उन्हें फिर से टेड़ीबगिया और रामबाग चौराहे के लंबे जाम का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में यह पुल हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का सबसे आसान और सुविधाजनक मार्ग बन गया था।
बिना सूचना शुरू हुआ कार्य, राहगीर हुए हैरान
सोमवार सुबह जब पीडब्ल्यूडी की टीम पुल हटाने के लिए मौके पर पहुंची, तो कई वाहन चालक और राहगीर वहां पहुंचकर हैरान रह गए। उनका कहना था कि यदि पहले से सूचना जारी की जाती, तो लोग वैकल्पिक मार्ग की योजना बना सकते थे। अचानक पुल हटने की प्रक्रिया शुरू होने से कई लोगों को वापस लौटना पड़ा।
यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका
पुल पूरी तरह हटने के बाद टेड़ीबगिया, रामबाग और आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन चौराहों पर जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अक्टूबर में फिर बन सकता है पुल
पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद अक्टूबर माह में दोबारा पैंटून पुल का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुल हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसे पूरा होने में लगभग तीन से चार दिन का समय लगेगा। इसके बाद बरसात का मौसम समाप्त होने पर फिर से पुल बनाकर लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


