आगरा। आगरा में दोस्ती के नाम पर ऐसी दरिंदगी सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। पार्टी के बहाने बुलाए गए एक स्नातक छात्र पर उसके ही दोस्तों ने पहले तेजाब फेंका, फिर कपड़ों में आग लगाकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोपी पूरी रात उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित करते रहे। गंभीर रूप से झुलसे छात्र की हालत नाजुक बनी हुई है और वह एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
पार्टी का झांसा, फिर शुरू हुआ मौत का खेल
थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र से सामने आई यह सनसनीखेज वारदात 31 मार्च की रात की बताई जा रही है। नरायच के छोटी मोहल्ला निवासी अजय, जो स्नातक का छात्र है, ने पुलिस को बताया कि 31 मार्च की रात करीब 11 बजे उसके दोस्त हिमांशु ने फोन कर उसे ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित डॉ. लाल पैथोलॉजी लैब के पास पार्टी के बहाने बुलाया था।
अजय जब मौके पर पहुंचा, तो वहां पहले से ही प्रिंस ठाकुर, अजय, सूरज और दो अन्य युवक मौजूद थे। पीड़ित के अनुसार, सभी आरोपी नशे में धुत थे और पुरानी रंजिश को लेकर पहले से साजिश रच चुके थे।
चेहरे पर तेजाब फेंका, भागने पर सीने और गर्दन पर डाला दोबारा
पीड़ित छात्र ने बताया कि मौके पर पहुंचते ही आरोपियों ने उस पर हमला बोल दिया। पहले उसके चेहरे पर तेजाब फेंका गया। तेजाब की जलन से तड़पते हुए जब उसने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, तो आरोपियों ने दोबारा उसे पकड़ लिया और उसके सीने व गर्दन पर तेजाब उड़ेल दिया। तेजाब की तेज जलन से अजय चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ा। उसकी चीखें सुनकर भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। वे लगातार उसे बेरहमी से पीटते और तड़पाते रहे।
कपड़ों में लगाई आग, जिंदा जलाने की कोशिश
वारदात का सबसे खौफनाक पहलू तब सामने आया, जब पीड़ित जमीन पर तड़प रहा था। आरोप है कि इसी दौरान प्रिंस ठाकुर ने माचिस जलाई और अजय के कपड़ों में आग लगा दी। कुछ ही सेकंड में कपड़ों ने आग पकड़ ली और छात्र जिंदा जलने लगा। आग की लपटों में घिरा अजय किसी तरह तड़पते हुए खुद को बचाने में कामयाब हुआ और आग बुझाई, लेकिन तब तक उसकी गर्दन, हाथ और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस चुके थे।
पूरी रात बनाया बंधक, मुंह में कपड़ा ठूंसकर दी धमकी
इतनी हैवानियत के बाद भी आरोपियों का अत्याचार खत्म नहीं हुआ। पीड़ित के मुताबिक, उसे पूरी रात बंधक बनाकर रखा गया। जब भी वह दर्द से चीखने की कोशिश करता, आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि उसकी आवाज बाहर न जा सके। आरोपियों ने उसे लगातार प्रताड़ित किया और धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। पूरी रात दर्द, डर और दहशत में गुजारने के बाद दूसरे दिन किसी तरह वह आरोपियों के चंगुल से छूटकर घर पहुंचा।
घर पहुंचते ही मचा हड़कंप, हालत बिगड़ने पर एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर
जब अजय घर पहुंचा तो उसकी हालत देखकर परिवार के होश उड़ गए। शरीर बुरी तरह झुलसा हुआ था और वह दर्द से कराह रहा था। परिजनों ने तुरंत उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि छात्र पिछले एक सप्ताह से एसएन मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
पुलिस एक्शन में, दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय के अनुसार, इस सनसनीखेज हमले में नामजद दो आरोपियों प्रिंस ठाकुर और सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश मुख्य वजह हो सकती है।
आखिर सवाल ये है: दोस्त थे या जल्लाद?
इस वारदात ने आगरा में दोस्ती, भरोसे और इंसानियत तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस युवक को पार्टी के नाम पर बुलाया गया, उसी को पहले तेजाब से झुलसाया गया, फिर जिंदा जलाने की कोशिश की गई और पूरी रात कैद कर प्रताड़ित किया गया। यह सिर्फ हमला नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या की कोशिश जैसी बर्बर साजिश नजर आ रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बाकी आरोपी भी जल्द सलाखों के पीछे पहुंचेंगे? और क्या पीड़ित छात्र को इंसाफ मिल पाएगा?

