आगरा/शमसाबाद। शमसाबाद के बड़ोबरा खुर्द गांव में बुधवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ। अपने परिवार के उज्जवल भविष्य के लिए खेत की जुताई कर रहे 32 वर्षीय सत्य प्रकाश की रोटावेटर के ब्लेडों में फंसने से दर्दनाक मौत हो गई। संतुलन बिगड़ने के कारण हुए इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उम्र भर का गम दे दिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने फतेहाबाद-शमशाबाद मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिसे पुलिस के आश्वासन के बाद खोला गया।
संतुलन बिगड़ते ही मौत के ब्लेडों में समा गया किसान
जानकारी के अनुसार, विपत्ति राम के 32 वर्षीय पुत्र सत्य प्रकाश बुधवार दोपहर ट्रैक्टर-रोटावेटर लेकर अपने खेत की जुताई कर रहे थे। काम के दौरान अचानक ट्रैक्टर के झटके से सत्य प्रकाश का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पीछे चल रहे रोटावेटर के घातक ब्लेडों पर जा गिरे। रोटावेटर की गति इतनी तेज थी कि सत्य प्रकाश को संभलने या शोर मचाने का एक पल भी नहीं मिला। जब तक आसपास के लोग ट्रैक्टर रोक पाते, सत्य प्रकाश का शरीर क्षत-विक्षत हो चुका था और उनकी मौके पर ही सांसें थम गईं।
घर में मचा कोहराम, गम में बदला गांव
जैसे ही सत्य प्रकाश की मौत की खबर घर पहुँची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बदहवास पत्नी और बच्चों को देख हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं। गांव वालों के मुताबिक सत्य प्रकाश बेहद मेहनती थे और पूरे घर की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। इस हादसे ने न केवल एक जान ली, बल्कि एक परिवार का इकलौता आर्थिक सहारा भी छीन लिया।
मुआवजे की मांग को लेकर घंटों लगा रहा जाम
हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। गरीब परिवार के भविष्य को देखते हुए ग्रामीणों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर फतेहाबाद-शमशाबाद मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए। सड़क के दोनों ओर वाहनों के पहिये थम गए और लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस और प्रशासन की समझाइश से शांत हुआ मामला
तनाव की सूचना मिलते ही एसीपी शमसाबाद मयंक तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए सरकारी नियमों के तहत हर संभव आर्थिक मदद दिलाने का ठोस आश्वासन दिया। प्रशासन के भरोसे के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।


