Agra News: कुदरत की मार से कराह उठा अन्नदाता; सांसद राजकुमार चाहर ने मोर्चा संभाला, सर्वे और मुआवजे के लिए उठाई आवाज

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आगरा। फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लहलहाती गेहूं की फसल और सब्जियों की खेती मिट्टी में मिल जाने से किसान दाने-दाने को मोहताज होने की कगार पर हैं। इस आपदा के बीच सांसद राजकुमार चाहर किसानों की आवाज बनकर सामने आए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी (DM) से फोन पर वार्ता कर दो-टूक कहा है कि कागजी खानापूर्ति के बजाय धरातल पर वास्तविक सर्वे कर किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जाए।

​तबाही का मंजर: बाह से लेकर खेरागढ़ तक फसलें बर्बाद

सांसद चाहर ने जानकारी दी कि फतेहपुर सीकरी, बाह, फतेहाबाद, खेरागढ़ और आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों के दर्जनों गांवों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। खेतों में बिछी हुई गेहूं की फसल और नष्ट हुई सब्जियां किसानों की साल भर की मेहनत के बर्बाद होने की गवाही दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए आजीविका का गंभीर संकट है और इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

कर्ज वसूली और बिजली बिल पर रोक की मांग

​किसानों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सांसद ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी राहत की पैरवी की है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्रभावित किसानों से बैंक ऋण (Loan) की वसूली तत्काल प्रभाव से रोकी जाए।संकट को देखते हुए बिजली बिलों की वसूली को स्थगित किया जाए। ​मुआवजे की राशि सीधे और जल्द किसानों के खातों में पहुँचाई जाए।

लेखपालों को चेतावनी: ‘घर बैठे रिपोर्ट बनाई तो खैर नहीं’

​सांसद ने सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लेखपाल गांवों में जाकर ही नुकसान का निष्पक्ष आंकलन करें। किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण या घर बैठे तैयार की गई फर्जी रिपोर्ट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण एक भी पात्र किसान राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए।

​”अन्नदाता की मेहनत को कुदरत ने लील लिया है, अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह मरहम लगाए। मैं खुद पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा हूँ।” – राजकुमार चाहर, सांसद