मुंबई (अनिल बेदाग): माया नगरी की शामें अक्सर चकाचौंध से भरी होती हैं, लेकिन अंधेरी वेस्ट स्थित ‘काइनो कॉटेज’ में आयोजित हालिया महफिल कुछ ज्यादा ही खास थी। मौका था भारतीय सिनेमा के सबसे निडर और लीक से हटकर सोचने वाले फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) के जन्मदिन का। गुड आइडिया फिल्म्स द्वारा आयोजित यह शाम केवल एक सालगिरह का जश्न नहीं थी, बल्कि उस विद्रोही सोच का सम्मान थी जिसने दशकों तक बॉलीवुड की रवायतों को चुनौती दी है।
दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया मान
गुड आइडिया फिल्म्स के संस्थापक व निर्देशक प्रदीप खैरवार और मैनेजिंग डायरेक्टर शेफाली सिंह राजपूत की मेजबानी में हुए इस भव्य आयोजन में फिल्मी जगत की कई दिग्गज हस्तियां एक साथ नजर आईं। मंच की शोभा बढ़ाने के लिए जहाँ मनोज बाजपेयी, रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख जैसे सितारे पहुँचे, वहीं सुनील शेट्टी, सौरभ शुक्ला, राजपाल यादव और ईशा कोप्पिकर ने अपनी उपस्थिति से शाम को यादगार बना दिया। इनके अलावा फिल्ममेकर मधुर भंडारकर, निखिल द्विवेदी और मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा भी इस जश्न में शरीक हुए।
जन्मदिन नहीं मनाता, पर यह अनुभव अलग है: RGV
अपनी बेबाकी के लिए मशहूर राम गोपाल वर्मा ने इस मौके पर दिल खोलकर बात की। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि वे आमतौर पर अपना जन्मदिन मनाने में यकीन नहीं रखते, लेकिन गुड आइडिया फिल्म्स का यह प्यार और आयोजन वाकई उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने सिनेमा के बदलते परिवेश पर चर्चा करते हुए कहा कि वे खुद भी वक्त के साथ विकसित हुए हैं और नए दौर के सिनेमा का स्वागत करते हैं।
एक साहसी सोच को सलाम
आयोजक प्रदीप खैरवार और शेफाली सिंह राजपूत ने इस इवेंट को एक ऐसे शख्स के प्रति सम्मान बताया, जिसने भारतीय सिनेमा को ‘सत्या’ और ‘रंगीला’ जैसी फिल्मों के जरिए नई दिशा दी। उनके अनुसार, यह शाम केवल केक काटने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह रचनात्मकता, जुनून और नए युग की सिनेमाई सोच का एक अद्भुत मिलन था। देर रात तक चली इस महफिल ने साबित कर दिया कि राम गोपाल वर्मा के प्रति फिल्म इंडस्ट्री का सम्मान आज भी उतना ही गहरा है।

