मुंबई (अनिल बेदाग): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार और सराहना बटोरने के बाद, फिल्म ‘मर्सी’ अब भारतीय दर्शकों को झकझोरने के लिए तैयार है। 10 अप्रैल को रिलीज हुए इसके आधिकारिक ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। फिल्म ‘पैसिव यूथेनेशिया’ (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) जैसे जटिल और संवेदनशील विषय को मानवीय गरिमा के चश्मे से देखती है। यह ट्रेलर मात्र एक फिल्म की झलक नहीं, बल्कि एक ऐसे भावनात्मक सफर का निमंत्रण है जो दर्शकों को करुणा और प्रेम की नई परिभाषा सिखाता है।
क्रिसमस की रात और एक कठिन फैसला
फिल्म की पृष्ठभूमि मुंबई में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर आधारित है। जहाँ दुनिया जश्न मना रही होती है, वहीं शेखर (राज वासुदेवा) का परिवार एक ऐसी अप्रत्याशित घटना के बीच खड़ा है जहाँ प्यार, जिम्मेदारी और नैतिकता के बीच की रेखा धुंधली पड़ गई है। कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो खामोश हिम्मत और फैसलों के भारी बोझ के बीच फंसा हुआ है। ‘मर्सी’ दर्शकों पर कोई फैसला नहीं थोपती, बल्कि उन्हें एक शांत कोना देती है जहाँ वे खुद से पूछ सकें कि आखिर ‘अपनों को मुक्त कर देना’ क्या वाकई सबसे बड़ा प्रेम है?
परेश रावल के विचारों से प्रेरित है फिल्म
निर्देशक मितुल पटेल ने इस फिल्म की प्रेरणा के पीछे की कहानी साझा करते हुए बताया, “मर्सी मेरे लिए बेहद व्यक्तिगत है। मैं दिग्गज अभिनेता परेश रावल के एक इंटरव्यू से बहुत प्रभावित हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रेम का शुद्धतम रूप कभी-कभी किसी को थामे रखने के बजाय उसे मुक्त करने में होता है। हम इसी कठिन सच्चाई को पूरी ईमानदारी के साथ पेश करना चाहते थे।”
कलाकारों का रूहानी अनुभव
मुख्य भूमिका निभा रहे राज वासुदेवा के मुताबिक, इस फिल्म ने अभिनय और वास्तविकता के बीच का अंतर खत्म कर दिया। वहीं, अपनी संजीदा अदाकारी के लिए मशहूर अभिनेता आदिल हुसैन कहते हैं, “मर्सी की खामोश ताकत ने मुझे अपनी ओर खींचा। यह फिल्म शोर-शराबे वाली नाटकीयता का सहारा नहीं लेती, बल्कि दर्शकों को उस दर्द को महसूस करने के लिए आमंत्रित करती है। यह मानवीय आत्मा की गहराई को छूने वाली फिल्म है।”
24 अप्रैल को होगा ‘मर्सी’ का अहसास
मितुल पटेल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आदिल हुसैन, राज वासुदेवा, अपर्णा घोषाल, कुणाल भान और निहारिका रायज़ादा ने अपनी दमदार परफॉर्मेंस दी है। ज़ी म्यूजिक कंपनी के संगीत से सजी यह फिल्म 24 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ‘मर्सी’ केवल एक सोशल ड्रामा नहीं, बल्कि प्रेम और बिछड़ने के बीच मानवीय गरिमा का एक सुंदर दस्तावेज है।

