मुंबई EOW की आगरा में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: ₹7.5 करोड़ की कोल्ड स्टोरेज ठगी के आरोपियों के घर चस्पा हुआ धारा 82 का नोटिस

स्थानीय समाचार

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिला अंतर्गत शमशाबाद थाना क्षेत्र में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की एक बहुत बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। करीब ₹7.5 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) के मामले में वांछित और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए मुंबई ईओडब्ल्यू की टीम सीधे शमशाबाद के गांव चितौरा पहुंची।

स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने आरोपियों के घरों की घेराबंदी की और अदालत के आदेश पर धारा 82 के तहत उद्घोषणा (भगोड़ा) नोटिस चस्पा कर दिया।

कोल्ड स्टोरेज के नाम पर निवेश कराकर हड़प लिए ₹7.5 करोड़

यह पूरा मामला एक सोची-समझी बड़ी आर्थिक हेराफेरी से जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई के एक बड़े व्यवसायी (बिजनेसमैन) लोकेंद्र परिहार ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि आगरा के शमशाबाद क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों ने कोल्ड स्टोरेज कंपनी के नाम पर उनसे संपर्क किया था।

आरोपियों ने लोकेंद्र को व्यवसाय विस्तार करने और निवेश पर बहुत कम समय में मोटा मुनाफा (रिटर्न) कमाने का लालच दिया। उनके झांसे में आकर पीड़ित व्यवसायी ने अलग-अलग किस्तों में कुल 7 करोड़ 50 लाख रुपये का भारी निवेश कर दिया, जिसे आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कर पूरी तरह हड़प लिया।

​भगवान सिंह, दिनेश और गौरव समेत 4 पर कसा कानूनी शिकंजा

इस महा-ठगी के मामले में मुंबई पुलिस ने मुख्य आरोपी भगवान सिंह, दिनेश, गौरव और एक अन्य व्यक्ति सहित कुल चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुंबई ईओडब्ल्यू की तफ्तीश में सामने आया कि आरोपियों को पूर्व में कई बार पूछताछ में शामिल होने और बयान दर्ज कराने के लिए कानूनी समन और नोटिस भेजे गए थे। इसके बावजूद शातिर आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देते रहे और अदालत में भी हाजिर नहीं हुए।

​अदालत का कड़ा रुख

आरोपियों के लगातार गैरहाजिर रहने पर मुंबई की संबंधित अदालत ने पहले उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया, और उसके बाद भी हाजिर न होने पर आरोपियों को भगोड़ा घोषित करते हुए धारा 82 के तहत ढोल-नगाड़े के साथ मुनादी और नोटिस चस्पा करने के सख्त आदेश जारी किए।

गांव में जुटी भारी भीड़, अब होगी संपत्ति की कुर्की (धारा 83)

रविवार को जब मुंबई ईओडब्ल्यू की स्पेशल टीम स्थानीय शमशाबाद पुलिस बल को साथ लेकर अचानक चितौरा गांव में दाखिल हुई, तो ग्रामीणों में कौतूहल और डर का माहौल बन गया। पुलिस ने भगोड़े आरोपियों के मकानों पर नोटिस चस्पा करने की कानूनी औपचारिकता पूरी की। इस दौरान पूरे गांव में भारी भीड़ जमा हो गई।

EOW के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि आरोपियों को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का यह आखिरी और अंतिम मौका दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होते हैं, तो ईओडब्ल्यू तत्काल कोर्ट से धारा 83 का आदेश प्राप्त कर उनकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क (Seize) करने की अगली दंडात्मक कार्रवाई करेगी। फिलहाल, आरोपियों की तलाश में पुलिस की गुप्त टीमें आगरा के विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।