नई दिल्ली: महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए लाए गए नए विधेयकों पर संसद में संग्राम छिड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहाँ विपक्ष से इसे राजनीतिक रंग न देने की अपील की, वहीं समाजवादी पार्टी ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे ‘जातिगत जनगणना’ से बचने का रास्ता करार दिया है।
”विरोध का सवाल ही नहीं, लेकिन प्रक्रिया पर आपत्ति”: डिंपल यादव
सपा सांसद डिंपल यादव ने विपक्ष के विरोध के नैरेटिव को खारिज करते हुए कहा, “यह बिल तो 2023 में ही सभी पार्टियों के समर्थन से पास हो चुका था, फिर विरोध की बात कहाँ से आई? हमारा सवाल प्रक्रिया को लेकर है। नियम के अनुसार पहले जातिगत जनगणना होनी चाहिए थी, फिर जनगणना के आधार पर परिसीमन और उसके बाद आरक्षण लागू होना चाहिए था।”
उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर इस बिल के स्वरूप को बार-बार क्यों बदला जा रहा है? डिंपल ने स्पष्ट किया कि अगर भाजपा ईमानदारी से इसे लागू करना चाहती है, तो सपा सहयोग के लिए तैयार है।
लोकसभा में मत-विभाजन: बिल के पक्ष में 251, विरोध में 185 वोट
संसद के विशेष सत्र में गहमागहमी के बीच संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। वोटों के विभाजन (Division of Votes) के बाद विधेयक के पक्ष में 251 वोट पड़े, जबकि 185 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस मतदान ने साफ कर दिया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सदन दो धड़ों में बंटा हुआ है।
अखिलेश यादव का सीधा प्रहार: “धोखा देने के लिए जनगणना से भाग रही सरकार”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सदन में सरकार को घेरते हुए पूछा कि आखिर महिला आरक्षण बिल को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जातिगत जनगणना से डर रही है।
अखिलेश ने कहा, “अध्यक्ष महोदय, ये जनगणना इसलिए नहीं कराना चाहते क्योंकि जैसे ही जनगणना होगी, हम सब लोग जातिगत गणना मांगेंगे। और जातिगत गणना होते ही हम पिछड़ों के लिए आरक्षण की मांग करेंगे। इसलिए भाजपा पिछड़ों को धोखा देने के लिए यह बिल इस स्वरूप में लाना चाहती है।”
पीएम मोदी की चेतावनी: “विरोध करने वालों को चुनाव में भुगतना होगा”
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इतिहास गवाह है कि जिन्होंने भी इस कानून का विरोध किया, उन्हें चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने अपील की कि राष्ट्रहित के इस मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।

