आसमान छूती लपटें और चीख-पुकार: गाजियाबाद की झुग्गियों में भीषण आग, एक के बाद एक फटे गैस सिलिंडर, सैकड़ों परिवारों का आशियाना उजड़ा

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गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर कुदरत और किस्मत का कहर एक साथ बरसा। दोपहर करीब 12 बजे झुग्गियों में लगी अचानक आग ने ऐसा विकराल रूप धारण किया कि देखते ही देखते 500 से अधिक आशियाने राख के ढेर में तब्दील हो गए। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुएं का गुबार देखा जा सकता था।

​सिलिंडर धमाकों से कांपा इलाका

आग लगने के कुछ ही मिनटों बाद झुग्गियों में रखे रसोई गैस सिलिंडरों में विस्फोट होना शुरू हो गया। एक के बाद एक हुए दर्जनों धमाकों ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी। लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागने लगे। धमाके इतने जोरदार थे कि आसपास की इमारतों में भी कंपन महसूस किया गया।

दमकल की दर्जनों गाड़ियां और युद्धस्तर पर बचाव कार्य

सूचना मिलते ही गाजियाबाद और आसपास के केंद्रों से दमकल की दर्जनों गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। स्थानीय पुलिस और दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला, लेकिन झुग्गियों के बीच संकरी गलियां और तेज हवा के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मी कई घंटों से आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हैं। अभी भी कई जगहों पर रुक-रुक कर लपटें उठ रही हैं।

सैकड़ों परिवार सड़क पर आए

इस भीषण अग्निकांड ने सैकड़ों परिवारों के सिर से छत छीन ली है। मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन बसर करने वाले इन लोगों का सब कुछ कपड़े, राशन, जमापूंजी और जरूरी दस्तावेज आग की भेंट चढ़ गया। प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन अब इन लोगों के रहने और खाने की वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटा है।

​जांच में जुटी पुलिस

​फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या खाना बनाते समय निकली चिंगारी को शुरुआती वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। गनीमत यह रही कि अभी तक किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।