आगरा में ‘नोएडा’ जैसी साजिश नाकाम: सिकंदरा में मजदूरों को भड़काने वाला शातिर अमित चौधरी गिरफ्तार

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आगरा: नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुए हालिया बवाल और आगजनी की घटना के बाद ताजनगरी का पुलिस प्रशासन ‘हाई अलर्ट’ पर है। इसी कड़ी में आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए औद्योगिक क्षेत्र में अशांति फैलाने की साजिश को समय रहते विफल कर दिया। पुलिस ने मजदूरों को भड़काने और फैक्ट्रियों में तालाबंदी के लिए उकसाने के आरोप में अमित चौधरी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

साजिश का पर्दाफाश

पकड़ा गया आरोपी अमित चौधरी कथित तौर पर भोले-भाले गरीब मजदूरों को गुमराह कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह लगातार मजदूर वर्ग के बीच जाकर फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ जहर उगल रहा था और उन्हें हिंसक प्रदर्शन व फैक्ट्रियां बंद कराने के लिए प्रेरित कर रहा था। पुलिस की इंटेलिजेंस विंग को जब इसकी भनक लगी, तो घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।

पुराना अपराधी है आरोपी

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार अमित चौधरी कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उस पर पहले से ही विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं और वह पूर्व में भी इसी तरह की अराजक गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इसे नहीं रोका जाता, तो सिकंदरा के इंडस्ट्रियल बेल्ट में भी नोएडा जैसे हालात पैदा हो सकते थे।

जनता ने ली राहत की सांस

इस त्वरित कार्रवाई के बाद स्थानीय फैक्ट्री मालिकों और क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि पुलिस और खुफिया तंत्र की इस सक्रियता ने शहर को एक बड़ी हिंसा की आग में झुलसने से बचा लिया है।

पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया या जमीनी स्तर पर अफवाह फैलाएगा या कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।